कानपुर: रविवार को यूपी के कानपुर जिले में राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह में 57 लड़कियां कोरोना वायरस पॉजिटिव पाई गई हैं. इस खबर के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया. सभी लड़कियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 कोविड-19 संक्रमित पाई गई लड़कियों में से सात लड़कियां गर्भवती भी पाई गई हैं. जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए रविवार को बताया कि गर्भवती पाई गईं पांच लड़कियां कोविड-19 से संक्रमित भी पाई गई हैं. इन लड़कियों को आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर की बाल कल्याण समितियों द्वारा कानपुर रेफर किया गया था. Also Read - देश के 19 राज्‍यों में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर राष्‍ट्रीय औसत से बेहतर: केंद्र

उन्होंने बताया कि गर्भवती दो अन्य लड़कियां कोविड-19 से संक्रमित नहीं पाई गई हैं. ये सभी लड़कियां जब कानपुर के बालिका संरक्षण गृह में लाई गई थीं उस समय भी गर्भवती थीं. तिवारी ने बताया कि संक्रमित पाई गई दो लड़कियों का इलाज लाला लाजपत राय अस्पताल में किया जा रहा है, जबकि बाकी तीन का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है. Also Read - Punjab Lockdown Extension News: जमावड़े पर लगी रोक, शादी समारोह में केवल इतने लोग होंगे शामिल

आपको बता दें कि इससे पहले 18 जून को शेल्टर होम से 18 लड़कियों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर सामने आई थी और इसके ठीक एक दिन बाद 19 जून को 16 और लड़कियों को कोरोना पॉजिटिव निकलने की रिपोर्ट मिली थी. इसके एक दिन बाद 20 जून को आठ और लड़कियां कोविड-19 से संक्रमित पाई गईं थीं.

प्रियंका गांधी ने खड़े किए सवाल

वहीं अब इस पूरे मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बालिका संरक्षण गृह के मुद्दे पर राज्य सरकार से कई सवाल किए. उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि शेल्टर होम में कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक तथ्य आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला.

मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है. यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है. ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांचों के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब इस मामले के बारें में संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से बात की है. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमाल माथुल ने भी इस पर डीएम से बात करके पूरी जानकारी ली है. बताया जा रहा है कि इन लड़कियों में एक एचआईवी और एक लड़की हेपेटाइटिस सी से ग्रसित है.

डॉक्टरों ने गर्भवती किशोरियों की बैक हिस्ट्री को समझने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया है. कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने मामले का संज्ञान लिया है.  एसएसपी ने कहा कि शेल्टर होम सील होने के चलते सभी डॉक्युमेंट्स उपलब्ध नहीं हैं. जल्द ही इस मामले में ब्रीफ किया जाएगा.