लखनऊ: देश के तमाम मजदूर, किसान, छात्र और महिला समेत करीब 57 राजनैतिक और सामाजिक संगठन केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर ‘पोल खोल-हल्ला बोल’ अभियान चलाएंगे. 16 से 22 मई तक चलते वाले इस अभियान के तहत संगठन जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के कथित मजदूर विरोधी, जनविरोधी व विभाजनकारी नीतियों का पदार्फाश करेंगे.

इसका निर्णय सीआईटीयू, उत्तर प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय किसान महासभा, राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस, महिला फेडरेशन और राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस समेत करीब 57 संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक में लिया लिया गया. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ‘अच्छे दिन आएंगे’ का वादा करके सरकार में आई थी. इन चार सालों में आम जनता के तो अच्छे दिन नहीं आए, मगर कारपारेट सेक्टर के अच्छे दिन आ गए हैं. पूरे प्रदेश में श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा है. किसान कर्ज में डूबे हुए हैं. बेरोजगारी बढ़ रही है. महंगाई चरम पर है. कानून व्यवस्था की हालत बहुत खराब है. समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तेज करने की कोशिश हो रही है.

16 से 22 मई तक चलेगा अभियान
सीटू के नेता प्रेमनाथ राय ने आईपीएन को बताया कि बैठक में तय किया गया कि केंद्र सरकार के खिलाफ ‘पोल खोल-हल्ला बोल’ अभियान चलाया जाएगा. अभियान के तहत 16 से 22 मई 2018 तक सभी जिलों में नुक्कड़ सभा, गांव बैठक, पर्चा वितरण, दीवाल लेखन आदि के माध्यम से मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता में व्यापक प्रचार किया जाएगा. फिर 23 मई को जिला मुख्यालय, तहसील मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय पर धरना, प्रदर्शन, जुलूस आदि के रूप में ज्यादा से ज्यादा जनता को मोबलाइजेशन किया जाएगा. इसके लिए राज्य स्तर पर पर्चा तैयार कर जिलों में बड़े पैमाने पर वितरित करने का निर्णय लिया गया है. (इनपुट एजेंंसी)