लखनऊ: यूपी के बरेली जिले में किसानों की चेतावनी से प्रदेश सरकार में हड़कंप मच गया है. किसानों ने दो दिन के अंदर मुआवजा नहीं मिलने पर बरेली के बड़ा बाइपास पर चलते वाहनों से कुचलकर आत्महत्या की चेतावनी दी है. किसानों का कहना है कि मुआवजा न मिलने और धन की कमी से करीब 20 किसानों की मौत हो चुकी है. आत्महत्या की चेतावनी देने वाले यह वह किसान हैं जिनकी जमीन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है.

बरेली जिले में मुआवजा को लेकर 2013 से भटक रहे किसानों ने अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चेतावनी भरा ज्ञापन भेजा है. किसान महासभा का कहना है कि 2013 में बड़ा बाईपास निर्माण के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई, उन्हें जमीन और उजाड़ी गई फसलों का मुआवजा नहीं मिला है. इसे लेकर किसान काफी समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही. इसके कारण किसान तंगहाली का शिकार हो गए हैं.

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महासभा ने दी आत्महत्या की चेतावनी
मुआवजा की मांग को लेकर किसान सूबे के मंत्री और विधायकों से मांग कर चुके हैं. लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. 600 किसानों द्वारा दी गई आत्महत्या की चेतावनी के बाद अब प्रशासन के हाथ-पांव जरूर फूल गए. इसको लेकर आज बरेली के कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम सिटी ओपी वर्मा, एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने करीब 3 घंटा किसानों से बातचीत की. लेकिन कोई समाधान नहीं निकला.

डीएम कर रहे किसानों से बातचीत
किसानों ने चेतावनी दी है कि 12 जून को करीब 600 किसान परिवार सहित एकत्र होकर बाईपास पर दौड़ रहे वाहनों के आगे लेटकर आत्महत्या करेंगे. किसानों ने कहा कि NAHI (सड़क वनाने वाली कंपनी) टोल वसूली कर रही है, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि डीएम किसानों से बात कर मनाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं किसानों का कहना है कि अब आश्वसन से काम नहीं चलेगा.