लखनऊ: लखनऊ देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, फिर भी राज्य सरकार अगले साल फरवरी में यहां लगने जा रही रक्षा प्रदर्शनी के लिए गोमती नदी किनारे की हरियाली सहित 63,799 पेड़ों को काटने की तैयारी कर रही है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में रक्षा संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, इसी को ध्यान में रखते हुए लखनऊ नगर निगम को भेजे एक पत्र में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने विभाग को हनुमान सेतु से निशातगंज पुल तक पेड़ों को हटाने के लिए कहा है.

पेड़ों को काटे जाने के बाद यह जमीन कार्यक्रम का प्रबंधन देख रहे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को सौंप दी जाएगी. एलडीए ने आगे यह भी कहा है कि प्रदर्शनी के समापन के बाद नए पेड़ भी लगाए जाएंगे और इसके अलावा पेड़ों को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर लगाने का प्रयत्न भी किया जाएगा.

क्षेत्र में नए वृक्ष लगाने के लिए एलडीए ने नगर निगम से 59 लाख रुपये की मांग की है. एलडीए के सचिव एम.पी. सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि विभाग ने गोमती नदी के किनारे पौधरोपण पर 59.06 लाख रुपये खर्च किए थे. नगर निगम ने इससे पहले दिए सुझाव में कहा था कि पेड़ों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सकता है और इवेंट के खत्म होने के बाद साइट में नए वृक्ष लगाए जा सकते हैं.

हालांकि, वन अधिकारियों का कहना है कि इस मौसम में वृक्षों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना संभव नहीं है. एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा, “स्थानांतरित किए जाने पर वे मर जाएंगे. पौधों और नदी के किनारे की जमीन बाद में फिर से तैयार करनी होगी.” लखनऊ विकास प्राधिकारण चाहता है कि 15 जनवरी, 2020 तक गोमती तटक्षेत्र को साफ कर दिया जाए, ताकि रक्षा प्रदर्शनी के लिए जमीन संबंधित संगठन को हस्तांतरित कर दिया जाए.

(इनपुट-आईएएनएस)