नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश में रुकी हुई 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. उच्चतम न्यायालय ने सरकार को छह हफ्ते के अंदर भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने का आदेश दिया है. जस्टिस उदय उमेश ललित की तीन सदस्यीय खंड पीठ ने शिक्षामित्रों की तरफ से दायर याचिका में यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने सरकार से कहा कि योग्य शिक्षामित्रों का चुनाव करके भर्ती प्रक्रिया को छह हफ्तों के अंदर शुरू किया जाए. Also Read - परिवार के 7 सदस्‍यों की हत्‍या की दोषी शबनम को रामपुर से बरेली जेल भेजा, जानिए क्‍यों?

शिक्षक भर्ती मामले में कोर्ट ने कई अहम फैसले सुनाए. कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही सरकार को यह भी निर्देश दिया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया 6 महीने के अंदर पूरी हो जानी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि जो भी शिक्षा मित्र चार साल का अनुभव रखते हैं उन्हें भर्ती के दौरान एक प्रतिशत का वेटेज भी दिया जाए. Also Read - Corona Vaccination Latest Updates: सुप्रीम कोर्ट के 30 में से 29 जजों को आज लगेगा टीका, नहीं मिलेगा ऑप्शन

पिछले कई महीनों से 69000 शिक्षकों की भर्ती का मामला अटका हुआ है और इसको लेकर राजधानी में कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुका है. सरकार से शिक्षामित्रों की कई मांगे हैं. अपने विरोध प्रदर्शन में शिक्षा संगठनों ने सरकार से आकस्मिक अवकाश बढ़ाने की मांग की थी जिसे सरकार ने मान लिया. शिक्षामित्रों को साल में 12 की जगह 14 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे Also Read - Supreme Court On Rape Case: नाबालिग लड़की से Rape के आरोपी से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या पीड़िता से करोगे शादी? जानें पूरा मामला..

दरअसल सरकार ने शिक्षकों का समायोजन रद्द कर दिया था और इसके बाद शिक्षा मित्रों को एक नियत प्रक्रिया के बाद भी शिक्षक बनाया जाना था लेकिन परीक्षा के बाद कट ऑफ घोषित होने की वजह से पूरा मामला कोर्ट में चला गया और भर्ती प्रक्रिया वहीं की वहीं रुक गई. अब कोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षको को थोड़ी तो राहत जरूर मिली होगी.