कानपुर/ नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश में एक हिस्‍ट्रीशीटर बदमाश पर छापे के दौरान अपराधियों की फायरिंग में यूपी पुलिस के एक डिप्‍टी एसपी समेत आठ जवान शहीद हो गए हैं. ये वाकया कानपुर जिले के देहात क्षेत्र के एक गांव में हुआ है. रात में बदमाशों की फायरिंग में डिप्‍टी एसपी देवेंद्र मिश्रा समेत 8 जवानों की जान चली गई है और चार जवान घायल हैं, कानपुर के आपसपास से और पुलिस बल मंगाया गया है. घायल पुलिस जवानों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. Also Read - हापुड़ में मासूम बच्ची से रेप का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तारी के बाद अस्‍पताल में भर्ती

कानपुर में डिप्‍टी एसपी देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मियों ने अपराधियों द्वारा गोलीबारी किए जाने पर अपनी जान गंवा दी है. यह वाकया तब हुआ, जब पुलिस टीम हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में एक इलाके में छापा मारने गई थी. घटनास्थल पर मौजूद एसएसपी और आईजी, फोरेंसिक टीम इलाके की जांच कर रहे हैं. Also Read - UP के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा एमपी पुलिस की हिरासत में, यूपी पुलिस टीम रवाना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो और तीन जुलाई की मध्य रात्रि को चौबेपुर पुलिस थाने के अंतर्गत दिकरू गांव में पुलिस का दल आदतन अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने जा रहा था. उसी दौरान मुठभेड़ हो गई. दुबे के खिलाफ करीब 60 आपराधिक मामले चल रहे हैं. Also Read - यूपी: विधायक विजय मिश्रा ने बताया जान को खतरा, कहा- ब्राह्मण हूं, इसीलिए कभी भी एनकाउंटर हो सकता है

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस का एक दल अपराधी के ठिकाने के पास पहुंचने ही वाला था। उसी दौरान एक इमारत की छत से पुलिस दल पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई जिसमें पुलिस उपाधीक्षक एस पी देवेंद्र मिश्रा, तीन उप निरीक्षक और चार कॉन्स्टेबल मारे गए.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एस सी अवस्थी ने बताया कि कुख्यात अपराधी को छापेमारी की संभवत: भनक लग गई थी. अवस्थी ने बताया कि दुबे और उसके साथियों ने अपने ठिकाने की ओर बढ़ रहे पुलिस कर्मियों को रोकने के लिए जेसीबी आदि लगा कर रास्ते को बाधित कर दिया था. पुलिस के दल को इसकी जानकारी नहीं थी. रास्ता बाधित होने से पुलिस दल रुका और उसी दौरान अपराधियों ने एक इमारत की छत से अंधाधुंध गोलीबारी शुरु कर दी.

कानपुर में आज अपराधियों द्वारा की गई गोलीबारी में जान गंवाने वाले आठ पुलिसकर्मियों में हैं- सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा, एसओ महेश यादव, चौकी इंचार्ज अनूप कुमार, सब-इंस्पेक्टर नेबुलाल, कांस्टेबल सुल्तान सिंह, राहुल, जितेंद्र और बबलू.

डीजीपी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था, पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी. जेसीबी को वहां लगा दिया गया, जिससे हमारे वाहन बाधित हो गए. जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियां चला दीं. जवाबी गोलीबारी हुई, लेकिन अपराधी ऊंचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 लोगों की मौत हो गई.

डीजीपी ने कहा, हमारे लगभग 7 आदमी घायल हो गए. ऑपरेशन अभी भी जारी है, क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे. IG, ADG, ADG (लॉ एंड ऑर्डर) को ऑपरेशन की निगरानी के लिए वहां भेजा गया है. कानपुर से फॉरेंसिक टीम मौके पर थी, लखनऊ से एक विशेषज्ञ टीम भी भेजी जा रही थी.

सीएम योगी ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्‍यक्‍त की
सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने शहीद आठ पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्‍यक्‍त की है, जिनकी कानपुर में बदमाशों की फायरिंग में जान चली गई है. उन्‍होंने डीजीपी एचसी अवस्‍थी को अपराधियों के खिलाफ कड़े एक्‍शन लेने के लिए कहा है और इस मामले में रिपोर्ट मांगी है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डिप्‍टी एसपी 8 पुलिस जवानों की जान तब चली गई, जब अपराधियों ने बैकरु गांव में हिस्‍ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में छापा मार रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी.