Also Read - CAA Protest: लखनऊ हिंसा में एक प्रदर्शनकारी की मौत, DGP बोले- मरने वाले का आंदोलन से लेना-देना नहीं

आगरा/नई दिल्ली: आगरा में दो दिन पहले बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों द्वारा आग के हवाले की गई 10 वीं की छात्रा 15 वर्षीय किशोरी संजलि सफदरजंग अस्पताल में जिन्दगी की जंग हार गई. मंगलवार को जिस समय आगरा शहर में सूबे के DGP कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे उस समय शोहदे इस जघन्य वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. Also Read - अंसल के खिलाफ मामला दर्ज करने पर मंत्री स्वाति सिंह ने महिला सीओ को दी धमकी, कहा- नई हो, पहले आकर मिलो

Also Read - Ayodhya Verdict: अयोध्या फैसले के चलते यूपी के सभी स्कूल-कॉलेज 11 नवंबर तक बंद

बच नहीं पाई

गंभीर रूप से झुलसी किशोरी को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था जहां बृहस्पतिवार को उसने दम तोड़ दिया. पुलिस के अनुसार 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा को मंगलवार को दो अज्ञात लोगों ने रोका और उसके ऊपर कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगा दी. सफदरजंग अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि चेहरे समेत उसके शरीर का 55 फीसदी हिस्सा जल गया था और धुएं के चलते उसकी श्वास नली भी जल गई थी जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी. उन्होंने बताया कि बीती देर रात उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन वह बच नहीं पाई और रात डेढ़ बजे के करीब उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि शुरुआत में किशोरी को आगरा के एस एन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कंडीशन क्रिटिकल होने के चलते उसे नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया था. पुलिस को अब तक फरार आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है.

कोई सुराग नहीं

बता दें कि ये दर्दनाक वाकया मंगलवार को हुआ जब 10 वीं में पढ़ने वाली संजलि छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रही थी. उसी दौरान बाइक सवार शोहदों ने उसे रोक कर उसके ऊपर पेट्रोल डाल दिया वो जब तक कुछ समझ पाती उन्होंने लाइटर से उसे आग के हवाले कर दिया और फरार हो गए. उसके बाद संजलि साइकिल सहित सड़क किनारे खाई में गिर पड़ी, लपटों से घिरी किशोरी जैसे-तैसे सड़क पर पहुंची, उसने जमीन पर लेटकर आग बुझाने की कोशिश की. इस दिल दहला देने वाली वारदात के दौरान मौके से एक बस गुजर रही थी, आग की लपटों में घिरी किशोरी को देखकर चालक ने बस रोकी और कंडक्टर ने फौरन बस में मौजूद फायर एक्सटिंग्यूशर को निकालकर आग बुझाई. मौके पर पहुंची पुलिस ने खाली पेट्रोल की बोतल और लाइटर बरामद किया है. परिवारीजनों के मुताबिक उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है लेकिन उसके हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है. किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे Genpact के अधिकारी ने फांसी लगाकर दी जान