लखनऊ: कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उत्तर सरकार ने निजी विद्यालयों सहित बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के सभी स्कूल-कॉलेजों को 22 मार्च तक बंद कर देने की घोषणा की है और कहा कि केवल परीक्षाओं के लिए ही स्कूल खोले जाएंगे. Also Read - इस वृद्ध महिला ने जिंदगी भर की जमापूंजी 10 रुपए पीएम केयर्स फंड में दान दिए

सीएम योगी ने बताया कि राज्य में अबतक 11 कोरोना वायरस के रोगी पाए गए हैं, जिसमें से सात आगरा के, दो गाजियाबाद के, एक नोएडा तथा एक लखनऊ का रोगी है. इनमें से 10 का उपचार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में तथा एक का उपचार लखनऊ के केजीएमयू में हो रहा है. Also Read - कोरोना मरीजों के लिए वैज्ञानिकों ने बनाई अनोखी डिवाइस, अब नहीं होगी सांस लेने में दिक्कत

सीएम योगी ने कहा कि उप्र में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के सभी स्कूल कॉलेज 22 मार्च तक बंद रहेंगे लेकिन जहां परीक्षाएं चल रही है वे स्कूल उन दिनों खुले रहेंगे . बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यलयों में परीक्षायें 23 से 28 मार्च के बीच कराई जाएंगी. Also Read - शोएब अख्तर के भारत-पाक वनडे सीरीज के प्रस्ताव पर जहीर अब्बास ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

सीएम योगी ने बताया कि सभी 75 जनपदों के अस्पतालों में पृथक वार्ड बनाये गये हैं, जिसमें 830 बेड सुरक्षित हैं जबकि 24 मेडिकल कॉलेजों में भी 448 बेड सुरक्षित रखे रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक 4100 चिकित्सको को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और आगे भी यह कार्यक्रम जारी रहेगा.

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे का सामना करने के लिए सभी चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसमें आंगनवाड़ी कर्मियों और आशा कर्मियों को भी शामिल किये जाने के निर्देश दिए हैं.

सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश इस समय कोरोना वायरस काफी नियंत्रण में है. सरकार की तरफ से इससे लडऩे के हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. योगी ने लोगों से भीड़ वाले कार्यक्रम नहीं करने का आह्वान किया और कहा कि इसी वजह से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बिना दर्शक के क्रिकेट मैच करान को कहा गया है. सभी सिनेमा हाल के मालिकों से कहा कि वह साफ सफाई की सावधानी बरतने को कहा गया है.

योगी ने कहा कि राज्य के सभी हवाई अडडो पर स्क्रीनिंग की जा रही है, वहां अब तक 17,048 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गयी है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार डेढ़ माह पहले से ही कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी कर रही थी, इसे लेकर घबराहट की स्थिति पैदा न हो, इसलिए हमने इसे महामारी घोषित नही किया है, लेकिन महामारी कानून के अंतर्गत कुछ विशेषाधिकार दिए हैं, जिससे हम हर बीमार व्यक्ति के लिए इलाज की व्यवस्था और उसे अलग- अलग वार्ड तक पहुंचाने की व्यवस्था कर सकें एवं बीमारी एक दूसरे में संक्रमित न होने पाएं. वह यहां राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए बुलाई गई बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे.

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग संबंधित अधिसूचना निकालने जा रहा है तथा स्वास्थ्य विभाग एक माह के लिये एपेडमिक एक्ट में प्रदान की गई शक्तियों को हासिल कर प्रभावी कदम उठायेगा.

योगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ सफाई व जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार अभियान चलाने को कहा गया है. उन्होंने लोगों से अपील कि जो संदिग्ध या संक्रमित हैं सिर्फ वो ही मास्क लगाए, दहशत न फैलाएं, आसपास साफ-सफाई रखें. उन्होंने कहा कि मास्क और ग्लव्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, कहीं भी स्टॉकिंग या काला बाजारी पर सख्त कार्रवाई होगी.’