लखनऊ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्यान्न वितरण और गेहूं खरीद में अनियमितताओं के सिलसिले में गोंडा और फतेहपुर के जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा कई अन्‍य अधिकारियों पर भी भष्‍टाचार के तहत कार्रवाई हुई है. योगी सरकार ने आंजनेय कुमार सिंह को डीएम फतेहपुर और प्रभांशु श्रीवास्तव को डीएम गोंडा बनाया है. सरकार ने इस बाबत निर्देश जारी कर दिया है.

 

सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि गोंडा में सरकारी खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं और वरिष्ठ स्तर पर अप्रभावी और अत्यधिक शिथिल नियंत्रण के मामले में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी के अलावा प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी राजीव कुमार और जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाने का निर्देश दिया है. इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि अमूमन कनिष्ठ अधिकारियों को दण्डित कर दिया जाता है, लेकिन वरिष्ठ स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जाती. यदि वरिष्ठ स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण व कार्रवाई की जाती तो कभी इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होती. प्रकरण में कार्रवाई की प्रभावी मिसाल स्थापित करते हुए वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित करने का फैसला लिया गया है.

भष्‍टाचार के सबूत मिलने के बाद कार्रवाई
बता दें कि इस प्रकरण में 9,162 बोरियों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का खाद्यान्न कालाबाजारी के उद्देश्य से गोदाम में संग्रहीत पाया गया. इसमें जिला प्रशासन और आपूर्ति एवं विपणन शाखा के केन्द्र, तहसील, जनपद व मण्डल स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा निर्देशों की अवहेलना तथा पदीय दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं करने का स्पष्ट प्रमाण मिला. इसकी जांच स्थानीय व राज्य मुख्यालय स्तर पर करायी गयी. इस सिलसिले में केन्द्र विपणन निरीक्षक, झांझरी भारत सिंह और पूर्ति निरीक्षक, तहसील तरबगंज महेश प्रसाद को पहले ही निलम्बित किया जा चुका है. इसके अलावा, सम्भागीय खाद्य नियंत्रक देवीपाटन राजेश कुमार, सम्भागीय खाद्य विपणन अधिकारी देवीपाटन के. के. सिंह, तथा उपायुक्त खाद्य सत्येन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित की गयी है.

जांच में पता चला 18 दिन नहीं की गई गेहूं खरीद
फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितताएं पाये जाने पर मुख्यमंत्री ने जिलाअधिकारी कुमार प्रशांत को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये हैं. उनकी जगह सरकार ने आंजनेय कुमार सिंह को फतेहपुर का डीएम बनाया है, जबकि प्रभांशु श्रीवास्‍तव को गोंडा जिले में नई तैनाती दी गई है. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 31 मई, 2018 को विशेष सचिव खाद्य, अपर आयुक्त खाद्य द्वारा गेहूं क्रय केन्द्रों पर जांच की गई थी. जांच में यह बात सामने आयी कि 13 मई के बाद करीब 18 दिन तक गेहूं खरीद नहीं होने का कोई औचित्य नहीं बताया गया.

 

कई अन्‍य अधिकारियों पर भी गिरी गाज
उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में क्रय केन्द्र प्रभारी बिसौली मण्डी नरेन्द्र कुमार और फतेहपुर के जिला प्रबन्धक पीसीएफ मोहम्मद रफीक अंसारी को भी निलम्बित किया गया है. इनके अलावा फतेहपुर मंण्डी के यूपी एग्रो संस्था के क्रय प्रभारी प्रेम नारायण को भी निलम्बित किया गया है जबकि जिला प्रबन्धक यूपी एग्रो गुलाब सिंह को निलम्बित करने की संस्तुति की गई है. प्रवक्ता ने बताया कि विपणन शाखा के क्रय केन्द्रों में दोषी पाये गये विपणन निरीक्षक शक्ति जायसवाल को निलम्बित किया गया है. जिला खाद्य विपणन अधिकारी घनश्याम के खिलाफ निलम्बन की कार्यवाही की गई है। साथ ही सम्पूर्ण प्रकरण प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है.