लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) सूर्य कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी शीघ्र होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद भाजपा के लिये आगामी लोकसभा चुनाव में प्रचार-प्रसार करने की ख्वाहिश जाहिर की है और ‘सक्रिय सहयोग’ में मदद के वास्ते राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अथवा तीन अन्य संस्थाओं में से किसी एक का अध्यक्ष बनाने की गुजारिश की है. Also Read - Crime News: आपसी विवाद में असिस्टेंट ने ट्रक चालक पर चाकू से किया हमला, मौत

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जानकारों के मुताबिक यह किसी आईपीएस अफसर के लिये निर्धारित सेवा नियमावली का उल्लंघन है, मगर शुक्ला इसमें कुछ भी गलत नहीं मानते. शुक्ला ने गत 23 अगस्त को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वह आगामी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. उन्हें मुख्यमंत्री के संगठन के कार्यों और उसकी विचारधारा में पूर्ण निष्ठा और विश्वास है. वह सेवानिवृत्त होने के बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिये प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग करना चाहते हैं. उन्होंने पत्र में राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष, राज्य समाज कल्याण बोर्ड और प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्‍हें ज्ञात हुआ है कि वर्तमान में निम्नलिखित पद आपकी सरकार के अधीनस्थ खाली हैं. इनमें से किसी भी पद पर मुझे नियुक्त कर देने से मैं आपको सक्रिय सहयोग करने की स्थिति में आज जाऊंगा एवं मेरे आने-जाने, अतिथि गृहों में रुकने एवं कार्य करने के लिये आपका एक प्रतीक चिह्न मिल जाएगा.

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पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बोले- होनी चाहिए दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एस. आर. दारापुरी के मुताबिक शुक्ला ने सेवा में रहते हुए ऐसा पत्र लिखकर ऑल इण्डिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स का घोर उल्लंघन किया है. उन्हें फौरन निलम्बित करके उनके खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जानी चाहिये. हालांकि शुक्ला ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को वह पत्र लिखकर कुछ भी गलत नहीं किया है. इस सवाल पर कि क्या सेवा में रहते हुए, इस तरह का पत्र लिखना सही है, उन्होंने कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति को बस चंद दिन ही बचे हैं. अगर कोई आदमी उसके बाद कोई राजनीतिक या सामाजिक कार्य करने की बात करता है तो इसमें गलत क्या है.

विवादों में रहे हैं सूर्य कुमार शुक्ला

शुक्ला इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की सार्वजनिक रूप से शपथ लेकर भी विवादों में रह चुके हैं. इस साल फरवरी में वायरल एक वीडियो में वह लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर कई लोगों के साथ राम मंदिर निर्माण की शपथ लेते दिखे थे. वह उस वक्त भी अपर पुलिस महानिदेशक (होमगाड्र्स) के पद पर थे.