वाराणसी: एक अफगान नागरिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास करते हुए यहां पासपोर्ट कार्यालय से गिरफ्तार किया गया. इबादतुल्लाह उर्फ आबिद को शनिवार को वाराणसी के महमूरगंज इलाके में पासपोर्ट कार्यालय से पकड़ा गया. आबिद को ये फर्जी दस्तावेज आजमगढ़ के फूलपुर निवासी आलम नामक व्यक्ति ने मुहैया कराए थे. इस मामले में आलम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अधीक्षक (एसपी) शहर दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस अब नकली दस्तावेजों का बंदोबस्त कराने वाले रैकेट की जांच कर रही है.Also Read - यूपी बजट: वाराणसी में इटंरनेशनल स्टेडियम, पूर्वांचल में चलेगी मेट्रो, यहां पढ़ें बजट 2022 के बड़े ऐलान

पुलिस के अनुसार, एक युवक के साथ आबिद शुक्रवार दोपहर पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन भरने की सेवाएं प्रदान करने वाली दुकानों पर पहुंचा. चूंकि वह अंग्रेजी या हिंदी में बात नहीं कर सकता था, इसलिए दुकानदारों ने उसे पासपोर्ट कार्यालय जाने के लिए कहा. पासपोर्ट कार्यालय में, कर्मचारियों ने उसके व्यवहार को संदिग्ध पाया और पुलिस को सतर्क कर दिया. पुलिस वहां पहुंची और एक अनुवादक को भी बुलाया गया. आबिद ने कहा कि वह अफगानिस्तान से है और खुलासा किया कि उसने फेसबुक के जरिए आलम से दोस्ती की. Also Read - मोदी सरकार के 8 साल, ये हैं वो आठ नारे, जिन्होंने पीएम मोदी की छवि को गढ़ा

उसने कहा कि वह आलम से मिला और शहरी और ग्रामीण भारत को देखने में अपनी रुचि दिखाई. उसने यह भी बताया कि आलम द्वारा उसके आधार और मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था की गई थी. आलम ने पुलिस को बताया कि आबिद को भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने में दिलचस्पी थी, जिसके लिए राष्ट्रीयता और व्यक्ति के अन्य विवरण से संबंधित कम से कम दो दस्तावेजों की आवश्यकता थी. पुलिस ने शनिवार शाम फूलपुर इलाके में आलम के घर पर छापा मारा और उसे आगे की जांच के लिए हिरासत में ले लिया. Also Read - 8 Years of Modi Govt: 8 साल पहले 'अच्छे दिन' और 'अबकी बार मोदी सरकार' के साथ सत्ता में आई थी भाजपा

पुलिस ने शुरू में आजमगढ़ में आबिद का पासपोर्ट-वीजा बरामद किया. मोहम्मद जावेद नामक एक व्यक्ति के विवरण का इस्तेमाल कर अफगान नागरिक का वोटर आईडी कार्ड बनवाया गया, जिसमें आबिद की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. जबकि जावेद ने पासपोर्ट के लिए आवेदन ही नहीं दिया था. उसी के आधार पर आलम ने आबिद के लिए आधार कार्ड भी बनवाया. संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.