लखनऊ: देवरिया जिले में बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद यूपी में हड़कंप की स्थिति है. उत्तर प्रदेश सरकार ने देवरिया के डीएम सुजीत कुमार को हटाकर एटा के डीएम अमित किशोर को देवरिया का नया डीएम बना दिया है. वहीँ, जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय को भी सस्पेंड कर दिया गया है. वहीँ, सीएम योगी के आदेश पर यूपी के सभी बालिका ग्रहों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है. लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, सीतापुर सहित अन्य बालिका ग्रहों में अधिकारी पहुंचे. यहां लड़कियों की गिनती और रजिस्टर आदि देखे, लेकिन यहां कोई कमी नहीं मिली है. बाकी जगहों पर भी जांच करने के बाद रिपोर्ट तलब की गई है.Also Read - Coronavirus in Uttar Pradesh Update: यूपी में कम हो रहा कोरोना संक्रमण, 11 जिलों में नहीं दर्ज किए गए सक्रिय मामले

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लड़कियों का कराया जा रहा है मेडिकल चेकअप Also Read - इंटरनेट सेंसेशन बना सीएम योगी का 'गुल्लू', तस्वीरें क्लिक करने के लिए दौड़ पड़े लोग

यूपी के लॉ एंड ऑर्डर आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि देवरिया के बालिका गृह की लड़कियों का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है. बाकी गायब 14 लड़कियों का भी पता लगाया जा रहा है. घटना की जांच की जा रही है.

सीबीआई ने भी पाई थीं अनियमितताएं, फिर कुछ नहीं हुआ

तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि 2017 में बालिका गृह की मान्यता गलत गतिविधियों के कारण रद्द कर दी गई थी. कई बार जिला प्रोबेशन अधिकारी और बल संरक्षण अधिकारी इस संस्था से बच्चियों को हैंडओवर करने के लिए नोटिस दे चुके थे, लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते गिरिजा त्रिपाठी बालिका गृह बंद नहीं कर रही थी और ना लड़कियों को संबंधित विभाग को सौंप रही थी, जबकि अनियमितताओं की जांच उस समय सीबीआई ने की थी. इसके बाद भी बालिका गृह के संचालकों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका. बालिका गृह में 15 से 18 साल की लड़कियां हैं. अब तक 24 लड़कियां यहां से छुड़ा ली गई हैं, जबकि 18 अब तक लापता हैं.

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ऐसे हुआ करतूत का खुलासा

बताया जा रहा है कि आज सुबह एक लड़की बालिका गृह से किसी तरह से भाग निकली. लड़की सीधे पुलिस के पास पहुंची और उसने पुलिस को घटनाक्रमों के बारे बताया. उसके आरोप सुन पुलिस भी सकते में आ गई. भागकर पहुंची लड़की के अनुसार, लड़कियां रात में अलग-अलग गाड़ियों से रोज ले जाती थीं. उन्हें नकाब पहनाकर ले जाता. इसके बाद वह रोते हुए वापस लौटती थीं. उनके साथ गलत व्यवहार होता था. बालिका गृह में उनका झाड़ू-पोंछा और बर्तन भी धुलवाए जाते थे. देवरिया एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि बालिका गृह को अवैध घोषित किया गया था और इसका चाल-चलन भी ठीक नहीं था.

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रात में नकाब में ले जाई जाती थीं, सुबह रोते हुए आती थीं वापस

बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण किया जाता था या नहीं, यह अभी अधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन लड़कियों के अनुसार उन्हें रात में जबरन नकाब पहनाकर अलग-अलग कारों से बाहर ले जाया जाता था. उनके साथ गलत काम होता था और सुबह होने से पहले ही बालिका गृह में छोड़ दिया जाता था. जो लड़की रात में ले जाई जाती थी, वह सुबह रोते हुए ही लौटती थी. उसकी आंखें सूजी होती थीं, लेकिन डर से कोई भी लड़की आपस में कुछ भी नहीं बताती थी.