नई दिल्ली: औरैया हादसे के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रवासी मजदूरों की राज्य में एंट्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सीमाक्षेत्रों में कोई भी प्रवासी कामगार/श्रमिक पैदल अथवा बाइक या ट्रक आदि अवैध तथा असुरक्षित वाहन से न आने पाए. यदि ऐसा पाया जाए तो उक्त अवैध वाहन को तत्काल जब्त करते हुए कानूनी कार्यवाही की जाए. Also Read - यूपी: कोरोना मरीजों के लिए एक लाख बेड तैयार, इतनी बड़ी तैयारी करने वाला देश का पहला राज्य

उन्होंने कहा कि पुलिस पैदल चलने वालों को जागरूक करते हुए उन्हें रोके. उन्होंने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों से अपील की कि वे स्वयं तथा अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध व असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा न करें. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए युद्ध स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करा रही है. राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को ट्रेन से प्रदेश में निःशुल्क ला रही है. Also Read - यूपी में 8 जून से खोले जाएंगे धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल; जुलाई में खुलेंगे स्कूल

मुख्यमंत्री योगी प्रवासी मजदूरों को पैदल या किसी निजी वाहन से वापस न आने की अपील पहले भी कर चुके हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को भोजन व पानी उपलब्ध कराया जाए. इसके बाद उनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि सीमाक्षेत्र के प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी के निवर्तन पर 200 बस रखने के आदेश पहले ही दिए गये हैं तथा प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को बस से भेजने के लिए धनराशि भी स्वीकृत है. लोग पैदल यात्रा न करें, इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करें. Also Read - 54 जिलों से हैं 50% प्रवासी, 44 यूपी-बिहार के ही, PM मोदी का वाराणसी, योगी का गोरखपुर, अखिलेश का इटावा लिस्ट में

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि घर वापस आने वाले किसी भी प्रवासी कामगार/श्रमिक को कोई दिक्कत न हो. इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रत्येक गांव में एक अल्ट्रारेड थर्मामीटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए. जांच क्षमता बढ़ाने के लिए पूल टेस्टिंग को अपनाया जाए. जांच क्षमता को इस सप्ताह तक बढ़ाकर 10,000 जांच प्रतिदिन किया जाए. उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि वेंटीलेटर के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षित चिकित्सक और पैरामेडिक्स की उपलब्धता अवश्य हो. उन्होंने कोविड अस्पतालों में एक लाख बेड तैयार करने के निर्देश भी दिए.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सम्बन्धित विभाग पैकेज के प्राविधानों का अध्ययन करते हुए कार्ययोजना तैयार करें, ताकि प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को विश्वास में लेकर, एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम तथा संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय लागू करते हुए ही औद्योगिक इकाइयों का संचालन कराया जाए.

(इनपुट भाषा)