वाराणसी : पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के मारवाड़ी हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का आपरेशन करवाने आए 6 मरीजों की आंख की रोशनी गलत आपरेशन के चलते चली गई. 12 जून को इन मरीजों का आपरेशन हुआ था. जब मरीजों की आंख की पट्टी खोली गई तो उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. इस बारे में डाक्टरों से शिकायत करने पर उन्होंने कहा कि 24 घंटे में समस्या ठीक हो जाएगी. मरीजों का कहना है कि जब 3 दिन से ज्यादा बीत गए और आंखों का अंधेरा नहीं गया तब से वो सदमे में हैं. पीड़ितों के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा.

परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल पहुंची पुलिस ने पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं. वहीँ अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वो पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च उठाएंगे. लोगों ने बताया कि जब हंगामा शुरू हुआ तो अस्पताल से डॉक्टर और स्टाफ के लोग भाग निकले, जिसके चलते मरीजों की मरहम -पट्टी भी रुक गई. पुलिस के आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दूसरे डॉक्टर और नर्स को बुला कर व्यवस्था फिर शुरू करवाई. हॉस्पिटल मैनजमेंट के मुताबिक़ फिलहाल ओटी को बंद कर दिया गया है और अस्पताल की प्राथमिकता है कि मरीज जल्द स्वस्थ हो जाएं.

उन्होंने कहा शनिवार शाम तक मरीजों की रिपोर्ट आने की सम्भावना है उसके बाद आगे का इलाज तय किया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल प्रबंधन अपने खर्चे पर मरीजों का इलाज कराएगा और इसमें कोई लापरवाही नहीं होगी. प्रबंधन के आश्वासन के बाद हंगामा रुक गया. सूत्रों के मुताबिक़ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ये हादसा हुआ मारवाड़ी अस्पताल में अप्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ को नियुक्त करने की शिकायत जनवरी में ही की गई थी. शिकायकर्ता विष्णु पचेरीवाल ने पत्र में लिखा था कि मारवाड़ी हिंदू अस्पताल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ व कंपाउंडर मानक के अनुरूप नहीं हैं, बिना डिप्लोमा के नर्सिंग स्टाफ मरीजों का इलाज कर रहे हैं.

श्री राम लक्ष्मीनारायण मारवाड़ी हिंदू अस्पताल में व्याप्त विसंगतियों के मामले में विष्णु पेचरीवाल कहते हैं कि सीएमओ कार्यालय से उन्हें आरटीआई का जवाब नहीं मिला. पत्र की कॉपी स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव और कमिश्नर को भी भेजी गई थी. बिहार के बक्सर जिले के निवासी यज्ञ नारायण, मिर्जापुर निवासी पार्वती देवी, जौनपुर निवासी वंदना, नवाबगंज की अख्तरी बेगम, कोनिया की मालती देवी और चंदौली के रहने वाले ऑटो रिक्शा चालक त्रिवेणी की आंखों की रोशनी आपरेशन के बाद चली गई है भविष्य की चिंता में सभी पीड़ितों और उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. उनका कहना है डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उनके जीवन में अंधेरा हो गया है.