लखनऊ: यूपी के आगरा में दलित महिला के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, शव चिता पर था. मुखाग्नि दी जाती इससे पहले ही कुछ लोगों ने अंतिम संस्कार रोक दिया. अंतिम संस्कार ये कहते हुए रोका गया कि महिला दलित थी. लोगों के मुताबिक महिला का वहाँ अंतिम संस्कार नहीं हो सकता क्योंकि महिला दलित है. मजबूरन परिजनों को चिता से शव उठाना पड़ा और किसी और जगह अंतिम संस्कार किया. Also Read - Rajasthan Crisis: अशोक गहलोत कैबिनेट की मीटिंग, BSP प्रमुख ने फंसाया पेंच

शमशान घाट से शव हटाने का ये मामला अब गरमाने लगा है. इसे लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जमकर हमला बोला है. उन्होंने इस मामले में उप्र सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है. मायावती ने मंगलवार को ट्वीट किया, “यूपी में आगरा के पास एक दलित महिला का शव वहां के जातिवादी मानसिकता रखने वाले उच्च वर्ग के लोगों ने इसलिए चिता से हटा दिया, क्योंकि वह शमशान-घाट उच्च वर्ग का था. यह अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय भी है. इस जातिवादी घृणित मामले की यूपी सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये, ताकि प्रदेश में ऐसी घटना की फि र से पुनरावृति ना हो सके, बीएसपी की यह पुरजोर मांग है.” Also Read - यूपी: आगरा में बंद होटलों में सत्ताधारी नेता चलवा रहा था सेक्स रैकेट, दिल्ली-कोलकाता से लाते थे लड़कियां

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में एक दलित महिला के शव को लोगों ने करीब सप्ताह भर पहले चिता से उठवा दिया. परिवार वालों ने गांव के बाहर एक शमशान में अंतिम संस्कार की तैयारी की, लेकिन कुछ दबंगों ने वहां पहुंचकर शव को चिता से उठवा दिया. उन्होंने कहा कि शमशान घाट उनका है, दलित यहां अंतिम संस्कार नहीं कर सकते. Also Read - लैब टेक्नीशियन की अपहण और मर्डर केस: अपर पुलिस अधीक्षक समेत 4 पुलिस अफसर सस्‍पेंड

इसके बाद पीड़ित परिवार ने दूसरे श्मशान में जाकर अंतिम संस्कार किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस घटना के एक सप्ताह बाद पुलिस सक्रिय हुई है. अछनेरा तहसील के रायभा गांव में नट जाति के लोग रहते हैं. काफी समय से यहां शमशान की जमीन को लेकर गांव के कुछ लोगों से उनका विवाद है. एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सीओ अछनेरा को इस मामले की जांच सौंपी गई है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.