आगरा: वह सिर्फ 10वीं क्लास में थी. पढ़ने में तेज़ थी. बड़ी होकर अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन उसके सपनों और जिंदगी को उसके अपने चचेरे भाई की ही नजर लग गई. वो बार-बार इजहार करता रहा, लेकिन संजलि उससे दूरी बना रही थी. पिता के व्हाट्स एप पर वह मैसेज करता, इस पर संजलि ने उसे कई बार कहा- ‘तुम लूजर हो. और भाई तक कहलाने लायक नहीं हो. तुम्हारी हरकतें ठीक नहीं.’ इसके बाद भी एकतरफा प्यार में डूबा चचेरा भाई योगेश पीछे नहीं हटा. खुन्नस में रहा और जिसे वह एकतरफा प्यार करता था, उसी संजलि की उसने दो अन्य लड़कों के साथ मिलकर पेट्रोल छिड़क कर जान ले ली. एकतरफा प्यार, हरकतों का सामना करने के बीच जिंदगी और मौत से जूझने वाली संजलि की कहानी किसी नॉवेल की कहानी से कम नहीं है. संजलि की जिंदगी तो गई ही, एकतरफा प्यार करने वाले योगेश ने भी अपनी जान दे दी. पूरे देश में ये हत्याकांड चर्चा का विषय बना हुआ है.

आगरा में जिस लड़की को जिंदा जलाया गया, उस पर चचेरे भाई ने ही छिड़का था पेट्रोल

‘भाई, तुम्हारी हरकतें ठीक नहीं’
आगरा के थाना मलपुरा अंतर्गत लालऊ गांव की कक्षा दसवीं की छात्रा 18 दिसंबर को स्कूल से वापस लौट रही थी. तभी उसे चचेरे भाई ने पेट्रोल छिड़ककर ज़िंदा जला दिया. संजलि के पिता के मोबाइल से जो चीजें मिलीं, उसने हत्याकांड की स्थिति बिलकुल साफ हो गई. चचेरा भाई योगेश संजलि से एकतरफा प्यार में था, लेकिन संजलि पढ़ना चाहती थी. योगेश संजलि से बात करने के लिए उसके पिता के मोबाइल से बात करता था. कुछ दिन पहले संजलि के पिता पर हमला हुआ. इसका शक भी संजलि को योगेश पर ही था. संजलि से योगेश ने इसके बाद पूछा कि ‘पिता जी चोट कैसे लगी.’ इस पर संजलि ने कहा कि तुम्हें कैसे पता, तुमने ही हमला कराया होगा.’ एक बार योगेश ने लिखा कि संजलि तुम नाराज हो? इस पर संजलि ने कहा कि तुम्हारी हरकतें ठीक नहीं. इसी तरह संजलि ने फिर लिखा कि ‘तुम लूजर हो. मुझसे बात न करना. तुम भाई कहलाने लायक नहीं हो.’

एकतरफा प्यार में था योगेश
संजलि योगेश से खफा थी, और वो संजलि की बातों से खुन्नस में था. जुनूनी योगेश ने संजलि को सबक सिखाने की ठान ली. उसने मोबाइल पर कभी धमकी जैसी बात नहीं, लेकिन एकतरफा प्यार में वह झुलस रहा था. और उसके इसी झुलसने की संजलि शिकार हो गई. योगेश ने संजलि को अपना शिकार बनाने के लिए तैयारियां काफी दिनों से शुरू कर दी थीं. रैकी के लिए वह संजलि के आसपास होता तो अपना मोबाइल बंद रखता था, ताकि उसका लोकेशन कभी ट्रैक न हो जाए.

आगरा में बाइक सवारों ने दिन दहाड़े स्कूली छात्रा को पेट्रोल डालकर जलाया, हालत नाजुक

काफी दिनों से तैयार कर रहा था संजलि को मारने का खाका
पुलिस के अनुसार, संजलि को ख़त्म करने के लिए वह पूरा खाका तैयार करता था. मोबाइल नंबर भी बदल रहा था. यहां तक कि कपड़े और जूते भी. उसने पूरा खाका तैयार किया और स्कूल से लौटते समय दो अन्य लड़कों के साथ गया. साइकिल पर आ रही संजलि को रोक उस पर पेट्रोल छिड़का. और लाइटर से आग लगा दी, लेकिन संजलि की मौत के बाद योगेश को लग गया था कि वह नहीं बचेगा. इसके बाद उसने भी जहर खा लिया. और दुनिया छोड़ दी. पुलिस बताती है कि एकतरफा प्यार में पड़े योगेश ने संजलि को साइकिल भी दिलाई थी. उसने एक सर्टिफिकेट देते हुए कहा था कि शक न हो इसलिए घर पर इसे दिखा देना कि प्रतियोगिता जीतने पर साइकिल मिली है.

Yogesh-Sanjali

पढ़ने में तेज थी संजलि, अधिकारी बनना चाहती थी
बताते हैं कि संजलि पढ़ने में तेज थी और वह बड़ी होकर अधिकारी बनना चाहती थी. इस दलित बच्ची की मौत पर पूरे देश में बवाल मच गया, लेकिन हत्यारा उसका भाई ही निकला. परिजन बताते हैं कि संजलि का ध्यान पढ़ाई पर था. वह पढ़ने पर तेज थी. एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि जांच में पाया गया कि मामले का मुख्य आरोपी लड़की का चचेरा भाई योगेश था. योगेश के अलावा उसके कुछ रिश्तेदारों की भी इस हत्याकांड में संलिप्तता थी. पुलिस के मुताबिक, छात्रा संजलि को जिस जगह पर जलाया गया वहां पुलिस को पहला सबूत लाइटर मिला. इस लाइटर के जरिए जांच आगे बढ़ी. इस लाइटर पर आरोपियों के फिंगर प्रिंट मिले. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान योगेश के रिश्तेदार विजय और आकाश का नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आया. योगेश पहले ही खुदकुशी कर चुका है. विजय, योगेश के मामा का बेटा है जबकि आकाश, विजय का रिश्तेदार बताया जाता है.

22 का बॉयफ्रेंड, 19 की गर्लफ्रेंड, 18 महीने खुलकर चला इश्क, ऐसे हुआ छोटी सी LOVE STORY और दो जिंदगियों का अंत

पुलिस को योगेश के घर मिला पत्र
छात्रा की मौत के बाद पुलिस की टीम योगेश के घर की तलाशी लेने पहुंची तो उन्हें एक पत्र मिला. इसके बाद साफ हो गया कि योगेश की इस मामले में भूमिका संदिग्ध है. घटना के बाद लड़की को 60 फीसदी जली हुई हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई थी. बता दें कि आगरा के थाना मलपुरा अंतर्गत लालऊ गांव की कक्षा दसवीं की छात्रा 18 दिसंबर को स्कूल से वापस लौट रही थी. वह अकोला के एक इंटर कॉलेज में दसवीं कक्षा की छात्रा थी. रोजाना की तरह वह अपनी साइकिल से घर वापस लौट रही थी. जैसे ही वह अपने घर के करीब पहुंची, तभी वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने लड़की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग के हवाले कर दिया. संजलि को जिंदा जलाए जाने के मामले को लेकर विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर भी आरोप लगाए थे.