आगरा: जिले में जिंदा जलाई गई 10वीं की दलित छात्रा के गुरुवार को दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ने के बाद उसके चचेरे भाई ने भी जहर खाकर जान दे दी. दो दिन पहले स्कूल से लौटते वक्त दो युवकों ने पेट्रोल डालकर छात्रा को आग लगा दी थी.

छात्रा की मौत की खबर से मलपुरा थानाक्षेत्र के उसके गांव लालऊ में मातम पसरा था, तभी सुबह पता चला कि छात्रा के चचेरे भाई ने भी जहर खाकर जान दे दी है. सूत्रों की मानें तो पुलिस ने छात्रा के चचेरे भाई से पूछताछ के लिए थाने आने को कहा था. इसके बाद गुरुवार सुबह उसका शव घर की छत पर मिला.

छात्रा के चचेरे भाई की मौत की खबर मिलते ही एसएसपी अमित पाठक मौके पर पहुंच गए. घटनास्थल का निरीक्षण करने के दौरान मौके से फोरेंसिक टीम को जहर की तीन पुड़िया बरामद हुई है.

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घटना के बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है. अभी तक हत्यारों का पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है. उधर छात्रा के भाई की मौत ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि दोनों भाई-बहन अच्छे दोस्त भी थे. ऐसे में छात्रा के भाई ने जहर क्यों खाया, अभी इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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बता दें कि ये दर्दनाक वाकया मंगलवार को हुआ जब 10 वीं में पढ़ने वाली संजलि छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रही थी. उसी दौरान बाइक सवार शोहदों ने उसे रोक कर उसके ऊपर पेट्रोल डाल दिया वो जब तक कुछ समझ पाती उन्होंने लाइटर से उसे आग के हवाले कर दिया और फरार हो गए. उसके बाद संजलि साइकिल सहित सड़क किनारे खाई में गिर पड़ी. लपटों से घिरी किशोरी जैसे-तैसे सड़क पर पहुंची, उसने जमीन पर लेटकर आग बुझाने की कोशिश की. इस दिल दहला देने वाली वारदात के दौरान मौके से एक बस गुजर रही थी. आग की लपटों में घिरी किशोरी को देखकर चालक ने बस रोकी और कंडक्टर ने फौरन बस में मौजूद फायर एक्सटिंग्यूशर को निकालकर आग बुझाई. मौके पर पहुंची पुलिस ने खाली पेट्रोल की बोतल और लाइटर बरामद किया है. परिवारजनों के मुताबिक उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है.