लखनऊ: संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदलकर ‘प्रयागराज’ किये जाने की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज इसे परम्परा और आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया. अखिलेश ने ‘ट्वीट’ कर कहा कि प्रयाग कुम्भ का नाम केवल प्रयागराज किया जाना और अर्द्धकुम्भ का नाम बदलकर ‘कुम्भ’ किया जाना परम्परा और आस्था के साथ खिलवाड़ है.

 

उन्होंने कहा कि राजा हर्षवर्धन ने अपने दान से प्रयाग कुम्भ का नाम किया था और आज के शासक केवल ‘प्रयागराज’ नाम बदलकर अपना काम दिखाना चाहते हैं. इन्होंने तो ‘अर्ध कुम्भ’ का भी नाम बदलकर ‘कुम्भ’ कर दिया है. ये परम्परा और आस्था के साथ खिलवाड़ है.’ इस बीच, प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रवक्ता एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अखिलेश पर पलटवार करते हुए कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ तो तब हुआ था जब इस संगम नगरी का नाम बदलकर इलाहाबाद रखा गया था.

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किसी जिले का नाम बदलना सरकार का अधिकार
शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किये जाने पर कुछ लोग जो आपत्ति जता रहे हैं, वह निराधार हं. किसी जिले का नाम बदलना सरकार का अधिकार है. जहां तक आस्था की बात है तो आस्था से तब खिलवाड़ हुआ था, जब प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद रखा गया था. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो और भी शहरों और सड़कों का नाम बदलेगा. पूर्व में जो गलतियां हुई हैं, उन्हें हम सुधारेंगे.

राज्यपाल ने पहले ही दे दिया अनुमोदन
मालूम हो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत शनिवार को इलाहाबाद में कहा था कि कुम्भ मेले से पहले संगम नगरी का नाम बदलकर प्रयागराज करने का प्रस्ताव है. राज्यपाल (राम नाईक) ने इसके लिये पहले ही अनुमोदन दे दिया है. अगर आम राय बनी तो इलाहाबाद का नाम जल्द ही बदलेगा.