लखनऊ : समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी में गठबंधन के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के रिश्तों में दरार दिख रही है कर्नाटक विधान सभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को अपना स्टार प्रचारक बनाया था लेकिन अब अखिलेश यादव ने कर्नाटक में चुनाव प्रचार करने से मना कर दिया है. Also Read - भाजपा सरकार की न तो नीतियां सही हैं, नीयत, योगी राज में विकास का पहिया थम गया है : अखिलेश

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में दूरियां और बढ़ी
कर्नाटक में कांग्रेस का प्रचार करने से अखिलेश यादव के मना करने को लेकर कोई भी कांग्रेसी नेता अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन अखिलेश यादव के वर्तमान रुख से ये स्पष्ट है कि कांग्रेस के साथ सपा के सियासी सम्बन्ध अब पहले जैसे नहीं रहे. कर्नाटक चुनाव को लेकर कांग्रेस को अखिलेश ने साफ मना कर दिया है कि वो कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं करेंगे. Also Read - दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर अखिलेश यादव ने कहा- 'रोमियो स्क्वॉड' हुआ लापता, अब यही हाल 'मिशन शक्ति' का भी होगा

मुलायम ने कांग्रेस की हैसियत दो सीट की बताई थी
इमरान मसूद कांड के बाद दोनों ही दलों यानि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में दूरियां तो बढ़ी हीं वहीं सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस पार्टी पर टिपण्णी करते हुए कहा था कि कांग्रेस की हैसियत 2 सीट से ज्यादा नहीं है. हालांकि पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान भी सपा- कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में मुलायम सिंह यादव नहीं थे लेकिन पारिवारिक कलह और समाजवादी पार्टी के अंदरूनी विवादों चलते उनकी बात को तत्कालीन यूपी सीएम अखिलेश यादव ने तवज्जो नहीं दी थी. Also Read - Mulayam Singh Yadav Dies: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव का निधन, अखिलेश ने व्यक्त किया शोक

सपा – बसपा गठबंधन से कांग्रेस बाहर ?
सूत्रों के अनुसार सपा- बसपा गठबंधन से कांग्रेस के बाहर होने की औपचारिक घोषणा मात्र ही शेष रह गई है वहीँ अखिलेश के बदले तेवर से कांग्रेस में अभी सन्नाटा है. जानकारों के अनुसार चूंकि कर्नाटक में बीएसपी का जेडीएस से कांग्रेस के खिलाफ गठबंधन है और हाल ही में बसपा से सपा का गठबंधन हुआ है जिसके चलते अब अखिलेश कर्नाटक में कांग्रेस का प्रचार करने से मुकर गए.