लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सेवाएं पटरी से उतर चुकी हैं. भाजपा की बहुप्रचारित आयुष्मान भारत योजना में भी गरीबों का इलाज ‘मजाक’ बन गया है. अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि अस्पतालों से बिना इलाज और दवाइयों के मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है. अस्पतालों की ओपीडी में भीड़ तो रोज होती है, लेकिन मरीज देखने वाले डॉक्टर नहीं आते हैं. Also Read - UP Gram Panchayat Chunav Results: यूपी पंचायत चुनाव में BJP को करारा झटका, सपा-बसपा के साथ चमके निर्दलीय

उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में सुपर स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं, जो अब अस्त-व्यस्त हो चली हैं. यहां के विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं छोड़कर जा रहे हैं. कई विभागों में पद मंजूर हुए हैं, लेकिन उनका अता-पता नहीं है. कई विभाग कागजों पर चल रहे हैं. आए दिन डॉक्टरों, रेजीडेंट्स और मरीज के तीमारदारों के बीच झगड़ें होते रहते हैं. Also Read - Covid-19 In UP: पत्नी-बेटी को हुआ कोरोना, DSP ने मांगी देखभाल को छुट्टी, नहीं मिली तो छोड़ी नौकरी

सपा मुखिया ने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में असाध्य रोगों का इलाज बजट खत्म हो जाने से बंद हो गया है. दवाएं एवं इम्प्लांट आदि सप्लाई करने वाले उधारी ज्यादा होने से बीच में सप्लाई रोक देते हैं. इसका खामियाजा मरीजों को ही उठाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि भाजपा की राज्य सरकार सिर्फ अपने स्वार्थसाधन में ही लगी रहती है. प्रदेश के अस्पतालों की दुर्दशा की क्या कहें राजधानी में ही लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, बलरामपुर अस्पताल और लोकबंधु राज नारायण अस्पताल सब अव्यवस्था के शिकार हैं. Also Read - UP Gram Panchayat Chunav Result: परिवार छोड़ BJP में जाने वालीं मुलायम की भतीजी हारीं, सपा ने ही हराया