लखनऊ: कुछ ही माह में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन की सारी औपचारिकताएं करीब-करीब पूरी हो गई हैं. राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से 37-37 पर दोनों दलों के चुनाव लड़ने का पहले ही फैसला हो गया है. अब इस बारे में सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा की प्रमुख मायावती औपचारिक ऐलान करेंगे. ये दोनों नेता शनिवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन करने जा रहे हैं. इसी सम्मेलन में गठबंधन का ऐलान किया जाएगा.

शुक्रवार सुबह में बसपा के महासचिव सतीश मिश्रा और सपा सचिव राजेंद्र चौधरी ने एक साझा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा की बुरी हार के बाद से ही दोनों दलों के बीच महागठबंधन की जरूरत पर चर्चा शुरू हो गई थी. इसका नमूना राज्य में हुए उपचुनावों में देखने को मिला. दोनों दलों ने संयुक्त प्रत्याशी खड़े कर गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में हुए लोकसभा के अहम उपचुनाव जीत लिए. इसके बाद से ही राज्य के प्रमुख दलों सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस के बीच महागंबधन की चर्चा होने लगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए गठबंधन में कांग्रेस को जगह नहीं दी जा रही है. दोनों दल 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हालांकि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अमेठी और सोनिया गांधी की रायबरेली सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. इसके अलावे बाकी की चार सीटें वे रालोद और अन्य छोटी पार्टियों को देंगे.