लखनऊ: एमपी के नए मुख्यमंत्री बने कमलनाथ के राज्य में यूपी- बिहार से आए लोगों की वजह से स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलने और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की जा रही है. बीजेपी के तमाम नेताओं की आलोचना के साथ ही एमपी के एक एसपी विधायक के जरिए कांग्रेस के नेतृत्ववाली कमलनाथ की सरकार को समर्थन दे रहे समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान पर नाराजगी जताई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में एक कार्यक्रम के इतर कहा, ”हम ऐसी बातें महाराष्ट्र से सुनते थे. यह कहा जाता रहा है कि उत्तर भारतीय वहां क्यों आते हैं. ऐसी ही बात दिल्ली से आई और अब मध्य प्रदेश से भी.”Also Read - सुना है कि बीजेपी अपने 150 MLA के टिकट काटने जा रही... हमने 300 सीटों को पार कर लिया: अखिलेश यादव

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस बयान को गलत बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को नौकरियां देने से उनके राज्य के युवाओं को रोजगार से वंचित रहना पड़ता है. Also Read - Maharashtra: नांदेड़ से तीन बार सांसद रह चुके भास्‍करराव खतगांवकर ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में वापस लौटे

कमलनाथ ने सोमवार को कार्यभार संभालने के बाद कहा था कि उनकी सरकार ऐसे उद्योगों को रियायतें देगी, जो अपनी नौकरियों का 70 फीसदी मध्य प्रदेश के लोगों को देंगे. उन्होंने कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग मध्य प्रदेश में यहां की स्थानीय आबादी की कीमत पर रोजगार पाते हैं.

अखिलेश से जब मध्य प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”यह अच्छा फैसला है. वहां की सरकार ने दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का फैसला किया है. हमारी पार्टी का मत है कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाना चाहिए.”

बीजेपी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वह पिछड़ों की जनगणना की बात करती है, सभी जातियों की नहीं. सबका साथ सबका विकास के लिए सभी जातियों की जनगणना होनी चाहिए.