लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आजम खान पर कार्रवाई को लेकर  यूपी की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि स्वच्छ, ईमानदार और धर्मनिरपेक्ष छवि के वरिष्ठ समाजवादी नेता आजम खान के लिए बीजेपी सरकार साजिश रच रही है. प्रदेश में बीजेपी सरकार बदले की भावना से विपक्ष का उत्पीड़न और उन्हें बदनाम करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जल निगम की भर्तियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है. इसके बाद भी उन्हें बदनाम कर छवि बिगाड़ने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को खुद अपने कारनामे देखने चाहिए. उनके मंत्री खुलेआम बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ने की बात कह रहे हैं. Also Read - Bihar Polls: औवैसी का दावा- PM मोदी बिहार में BJP विधायक को बनाना चाहते हैं मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार को...

Also Read - मिसाल: जब रामपुर में थानों की थानेदारी संभाली बेटियों ने, बदला बदला सा दिखा माहौल

झूठे इल्जाम की बजाय खुद अपने कारनामे देखे बीजेपी Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

समाजवादी सरकार के समय की भर्तियों पर रोक लगाकर बीजेपी ने घटिया मानसिकता का परिचय दे दिया है. विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर अपमानित करने का काम किया जा रहा है. जब से बीजेपी सत्ता में आई है, तब से किसी को रोजगार नहीं मिल है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीति और नियत, दोनों में खोट है. उनका एजेंडा गरीब, नौजवान, अल्पसंख्यक विरोधी है. विपक्षी नेताओं पर झूठे इल्जाम लगाने वाली बीजेपी को खुद अपने कारनामे देखने चाहिए. राज्य मंत्रिमंडल के दो मंत्री खुलेआम बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ने की बात कर रहे हैं. जनता की निगाहों में अब बीजेपी सरकार की साख गिर चुकी है.

ये भी पढ़ें: अखिलेश यादव बोले, उत्तर प्रदेश में कायम हो गया है जंगलराज

2016 में की गई थी भर्तियाँ, ये है पूरा मामला

बता दें कि आर्थिक अपराध शाखा और विशेष जांच दल ने पूर्व मंत्री व सपा नेता आज़म खान पर जल निगम नियमों को ताक पर रख लोगों को नौकरी देने के मामले सरकार से केस चलाने की अनुमति मांगी है. मामला 2016 का है. तब आजम खान जल निगम बोर्ड के चेयरमैन भी थे. उस समय 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक, 32 आशुलिपिक सहित 1300 पदों पर भर्तियाँ की गई थीं.