लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि भाजपा की नफरत फैलाने और असहिष्णुता को बढ़ावा देने की रीति-नीति के बुरे नतीजे अब सामने आने लगे हैं. प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर है. अखिलेश ने अपने बयान में कहा कि भाजपा सरकार जबसे उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ हुई है, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हिंसक हमले होने लगे हैं. प्रदेश की जनता सकते में है.Also Read - UP Assembly Election 2022: अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल सीट से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

सपा प्रमुख ने कहा, “आखिर सरेआम हत्या, लूट और बलात्कार करने वाले अपराधी तत्वों के हौसले किसके बलबूते पर बुलंद हो रहे हैं? भाजपा की नफरत फैलाने की रीति-नीति के बुरे नतीजे अब सामने आने लगे हैं. उन्होंने कहा कि सच लिखने वाले पत्रकारों पर खनन माफिया और भूमाफिया तो अपनी ताकत दिखाते ही रहे हैं, अब स्थानीय अपराधी भी बेखौफ हो रहे हैं. स्वयं पुलिसकर्मी भी उनके साथी बन जाते हैं. ऐसे में न्याय पाने के लिए जनता कहां जाए? Also Read - UPTET 2021: कोरोना संक्रमित अभ्यर्थी दे सकेंगे यूपीटीईटी परीक्षा, अलग से होगी व्यवस्था

सपा मुखिया ने कहा कि गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी को बदमाशों ने इसलिए गोली मार दी, क्योंकि उसने भांजी से छेड़छाड़ के मामले की शिकायत पुलिस से की थी. पुलिस ने कुछ किया नहीं, उल्टे उन्हें ही शिकायत करने की सजा मिल गई. फिर तो बदमाशों की हिम्मत बढ़ेगी ही. पुलिस ने अगर समय पर कार्रवाई की होती तो पत्रकार की जान नहीं जाती. Also Read - UP Police HO Recruitment: यूपी पुलिस में हेड ऑपरेटर के पद पर आई बंपर भर्ती, आवेदन शुरू, जानें कैसे करें आवेदन

अखिलेश ने कहा कि सपा पत्रकार के आश्रितों को 25 लाख रुपये भाजपा सरकार द्वारा दिए जाने की मांग करती है. इनके पीड़ित परिवारीजनों के प्रति सहानुभूति में समाजवादी पार्टी ने 2 लाख रुपये की मदद की है.