लखनऊ: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कोटा में बच्चों की मौत पर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में बच्चों की मौत पर चुप क्यों हैं. अखिलेश ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “मुख्यमंत्री कोटा के बच्चों की मौत पर तो बोल रहे हैं, पर गोरखपुर में जो गलत दवा देने से 1000 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है, उसका जिम्मेदार कौन है? इस तरह का अमानवीय कार्य पूरी दुनिया में कहीं नहीं हुआ. इस पर वह चुप क्यों हैं.” Also Read - CoronaVirus In UP: सीएम योगी का आदेश- कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को पेड लीव, 18 साल वालों को फ्री कोरोना वैक्सीन

उन्होंने कहा, “बच्चों की मौत गंभीर मामला है. मृतक बच्चों की संख्या अधिक भी हो सकती है. सपा की सरकार आएगी तो पूरा आकड़ा जारी करेंगे.” Also Read - Lockdown In UP: सीएम योगी का बड़ा ऐलान-आज से हर जिले में नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन लागू है

अखिलेश ने नागरिकता कानून और एनआरसी पर कहा, “हम एनआरसी और एनपीआर के लिए कोई कागजात नहीं दिखाएंगे. ये सभी मुद्दे इसीलिए उठाए जा रहे हैं, ताकि नौजवानों के रोजगार, अर्थव्यवस्था और बैंकों की खस्ता हालत से लोगों का ध्यान हटाया जा सके. सीएए लागू करने के बाद भाजपा समाज को बांटना चाहती है. उसकी मंशा भी है कि समाज बंट जाए. सीएए के विरोध में हिंसक प्रदर्शन के दौरान जिसकी भी जान गई है, उन सबकी जान पुलिस की गोली से गई है. सरकार तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी बदल सकती है.” Also Read - Lockdown In UP: यूपी में आज रात 8 बजे से लगेगा 35 घंटे का लॉकडाउन, जानिए क्या है छूट-क्या पाबंदी

उन्होंने कहा कि सपा के नौजवान साइकिल मार्च निकालकर युवाओं के लिए रोजगार की मांग करेंगे. उन्होंने नारा दिया ‘नहीं भरेंगे एनपीआर, नौजवान मांगे रोजगार.’ अखिलेश ने कहा, “आज हम एक्सपोर्ट में पीछे जा रहे हैं. आज सरकार बताए कि बैंक क्यों डूब रहे हैं. उद्योगपति क्यों डरे हुए हैं. अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम तो बेहद गंभीर हालत में है.” सपा मुखिया ने कहा, “प्रदेश में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले लोग ट्रांसफर-पोस्टिंग पर आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं. सरकार के अधिकारी ही आरोप लगाने में परेशान हैं.”

(इनपुट आईएएनएस)