लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2022 में प्रदेश में अपनी पार्टी की सत्ता में वापसी पर भरोसा जताते हुए शुक्रवार को कहा कि अब कोई नोटबंदी या गुमराह करने वाला ‘नशा’ उन्हें और उनकी पार्टी को रोक नहीं सकता है. नोटबंदी के दौरान तीन साल पहले बैंक की लाइन में पैदा हुए बच्चे ‘खजांची’ के जन्‍मदिन समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से मिले जख्‍म अब ज्‍यादा गहरे हो गए हैं.

उन्‍होंने कहा ‘जब से मैंने लोगों के चेहरे पढ़े हैं, उनकी परेशानी देखी है, भरोसा हो गया है कि प्रदेश में अगली सरकार सपा की बनेगी. इस बार ना उसे नोटबंदी रोक सकती है और ना ही जीएसटी. वह नशा भी नहीं रोक पाएगा, जो लोगों को गुमराह कर देता है. आज नौकरी और रोजगार का सवाल ज्‍यादा बड़ा हो गया है.’

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पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उपचुनावों में जनता ने सपा का साथ दिया है और हमें यकीन है कि 2022 में भी हाथ नहीं छोड़ेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि भले ही ईवीएम के जरिए हुए उपचुनावों में सपा को जीत और जनता का समर्थन मिला हो, लेकिन वह मतपत्रों के जरिए चुनाव की मांग करती रही है और आगे भी करती रहेगी.

अखिलेश ने नोटबंदी पर तंज करते हुए कहा कि उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है ‘खजांची’ का बैंक की लाइन में जन्म होना. उन्होंने कहा, ‘भ्रष्‍टाचार खत्‍म हुआ हो या नहीं, कालाधन खत्‍म हुआ हो या नहीं, आतंकवाद खत्‍म हुआ हो या न हुआ हो, कम से कम खजांची तो पैदा हुआ. लेकिन, अगर उसके जीवन में बदलाव नहीं आया तो समझिए हममें से किसी का जीवन नहीं बदला.’

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सपा अध्‍यक्ष ने सरकार से पूछा कि आखिर बाजार में कितनी नकदी है और कितना निवेश आया है? देश में बेरोजगारी बढ़ी है, जीडीपी घटी है, पड़ोसी देशों के मुकाबले हमारा रुपया गिर रहा है. केन्द्र पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारी अर्थव्‍यवस्‍था अगर वैसी ही होती जैसा कि भाजपा कह रही है तो शायद इतने बैंक नहीं डूबते.’

अखिलेश ने प्रदेश के ऊर्जा विभाग में हुए कर्मचारी भविष्‍य निधि घोटाले से जुड़े एक सवाल पर कहा कि सब जानते हैं कि इस मामले में सरकार किसे बचा रही है. सरकार यह नहीं बता रही है कि निजी बैंक में गलत तरीके से धन का लेन-देन किन-किन तारीखों में हुआ. जनता इस बारे में सबकुछ जानना चाहती है. यह कर्मचारियों की भविष्‍य निधि का सवाल है. सरकार को जनता को सच बताना चाहिए.

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उन्‍होंने कहा कि प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार के कार्यकाल में भ्रष्‍टाचार चरम सीमा पर है. इतना भ्रष्‍टाचार पहले कभी नहीं रहा. ऐसा कोई विभाग नहीं है, जहां भ्रष्‍टाचार न हो. पुलिस जितना अन्‍याय कर रही है उसे सोचा भी नहीं जा सकता. बहन-बेटियां पहले कभी इतनी असुरक्षित नहीं थीं. हर जगह भाजपा के लोग अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. अखिलेश ने इस मौके पर गेस्‍ट हाउस मामले में सपा संस्‍थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने के लिये बसपा अध्‍यक्ष मायावती को धन्‍यवाद भी दिया.