नई दिल्ली: प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय राजनीति में एंट्री का समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वागत किया है. इस मामले में अखिलेश यादव ने शनिवार को अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि हम प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय राजनीति में आने का स्वागत करते हैं. उन्होंने इस फैसले के लिए राहुल गांधी को बधाई भी दी. हालांकि गठबंधन की नेता बीएसपी प्रमुख मायावती का प्रियंका को कांग्रेस का महासचिव बनाए जाने के मामले में अभी तक कोई बयान नहीं आया है.

अखिलेश यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा, राजनीति में जितने नए लोग आएं, हम समाजवादियों को उससे ज्यादा खुशी होगी. मैं आपके माध्यम से मुबारकबाद देना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष (राहुल गांधी) ने अच्छा फैसला लिया है. हालांकि गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने के सवाल को अखिलेश यादव टाल गए. एक तरफ जहां गठबंधन की नेता मायावती कांग्रेस को लेकर हमलावर हैं वही अखिलेश यादव कांग्रेस को टारगेट करने से बचते रहे हैं.

बता दें कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया है और उन्हें ईस्टन यूपी की जिम्मेदारी सौंपी है. वह फरवरी के पहले हफ्ते से कार्यभार संभाल लेंगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा का राजनीति में आना अचानक से नहीं हुआ है क्योंकि अपने बच्चों के बड़े होने के बाद उन्होंने पार्टी में भूमिका निभाने का फैसला किया था. उन्होंने यहां संवाद सत्र में एक सवाल के जवाब में कहा था कि प्रियंका के राजनीति में उतरने के समय के बारे में फैसला कुछ वर्ष पहले किया गया था. वह बच्चों की वजह से इसमें देरी कर रही थीं.

उन्होंने कहा, ‘अब उनके बच्चे बड़े हो गए हैं. उनमें से एक विश्वविद्यालय में दाखिल हो गया है. दूसरा भी बड़ा हो गया है. इसलिये, उन्होंने राजनीति में उतरने का फैसला किया. प्रियंका की राजनीतिक भूमिका पर गांधी ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की है. उस राज्य से बाहर उनकी भूमिका के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है. प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने की घोषणा बुधवार को की गई और उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिये कांग्रेस का महासचिव बनाया गया.
उन्होंने कहा कि उनके और प्रियंका के बीच मजबूत रिश्ता है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘हम दोनों ने काफी मुश्किल वक्त का सामना किया है. उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी, पिता राजीव गांधी की हत्या और उसके बाद परिवार में राजनीतिक उतार-चढ़ाव को याद किया. गांधी ने कहा, ‘‘इन घटनाओं ने हमें करीब लाया. सभी लोग सोचते हैं कि हमारे लिये सबकुछ आसान रहा है, लेकिन हमने कुछ बेहद मुश्किल हालात देखे हैं. उसने हमें एकसाथ ला दिया. उनके बीच के समीकरण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, अगर हम अलग-अलग कमरों में बैठे हैं और आप हमसे एक ही सवाल पूछते हैं, तो 80 फीसदी समय आपको एक ही जवाब मिलेगा.