लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा पर जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सोमवार को दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में सपा 350 सीट जीतेगी. अखिलेश ने यहां एक बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता के दंभ में जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में धांधली करने में हद कर दी है. उनके अलोकतांत्रिक आचरण से संवैधानिक संस्थाओं के लिए भी खतरा पैदा हो गया है.Also Read - किसी फिल्म से कम नहीं है दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के जिंदगी का सफर, देखें कैसे एक गांव का लड़का बन गया स्टार

सपा अध्यक्ष ने कहा ‘‘जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव (Zila Panchayat Sadasya) में अपनी हार को जबरन छल कपट से जीत में बदलकर मुख्यमंत्री योगी और भाजपा फौरी तौर पर भले ही अपनी वाहवाही करा लें, मगर अगले साल के शुरू में प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी. सपा आगामी चुनाव में विधानसभा (UP Assembly Election 2022) की 350 सीट जीतकर आएगी और भाजपा (BJP) चंद सीटों पर सिमटकर विपक्ष में बैठने को मजबूर होगी.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जगह-जगह भाजपा नेताओं ने प्रशासन के सहयोग से जनादेश का ‘‘अपहरण’’ करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों और प्रस्तावकों को बलपूर्वक नामांकन करने से रोका. Also Read - आजमगढ़ और रामपुर हारी सपा: अखिलेश यादव ने कहा- जहां 900 वोट थे, वहां 6 पड़े, जहां 500 थे वहां एक वोट पड़ा, ऐसे जीती बीजेपी

सपा अध्यक्ष ने कहा कि दुःख इस बात का है कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने वालों पर अधिकारी अंकुश लगाने के बजाय मूकदर्शक बने रहे. निर्वाचन आयोग भी असहाय बना रहा और राजभवन ने भी मौन धारण कर रखा है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जनता की अदालत से तिरस्कृत भाजपा ने बलरामपुर में जबरन अपनी जीत दर्ज कराने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को नज़रबंद कर नामांकन पत्र छीन लिया और लोकतंत्र का गला घोंटते हुए ललितपुर में भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को नामांकन नहीं करने दिया गया. Also Read - एकनाथ शिंदे का बड़ा हमला, कहा- दाऊद से रिश्ते रखने वालों के समर्थन में है शिवसेना, इसीलिए हमने उठाया ये कदम

उन्होंने गोरखपुर, झांसी, बस्ती, गाजियाबाद और बरेली समेत कई जिलों में भाजपा नेताओं द्वारा प्रशासन की मदद से सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को नामांकन करने से जबरन रोकने और जानबूझकर पर्चा खारिज कराने के आरोप भी लगाए.