नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Coronavirus) से लोगों को सुरक्षित करने और उन्हें इस महामारी के लक्षणों के बारे में जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) लॉन्च किया था. लेकिन, इस ऐप को लेकर विपक्षी राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई है. इस बीच खबर है कि गौतमबुद्धनगर जिले में इस ऐप को डाउनलोड करना यहां की जनता के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.Also Read - Omicron Good News: घबराने की जरूरत नहीं, डेल्टा से ज्यादा गंभीर नहीं Omicron, 'सभी वैक्सीन काम करेंगी'

एडिशनल डीसीपी आशुतोष द्विवेदी ने रविवार (3 मई) को लॉकडाउन 3.0 (Lockdown 3.0) के लिए निर्देश जारी करते हुए नोएडा में इस ऐप को इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया है, जिसके तहत अगर किसी भी व्यक्ति के मोबाइल में यह ऐप नहीं मिलता है तो इसे लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. Also Read - अरब देशों में भारत का डंका, 15 साल में पहली बार ब्राजील को पछाड़कर बना नंबर 1 फूड सप्लायर

एडिशनल डीसीपी आशुतोष द्विवेदी के मुताबिक, जिले के सभी नागरिकों जो स्मार्टफोन यूज करता है, उसके लिए यह ऐप इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा. ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति बिना आरोग्य सेतु ऐप के बाहर निकलता है तो उसे लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के तहत दंड दिया जाएगा. जिसके अंतर्गत व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 188 और आपदा प्रबंधन नियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. Also Read - Omicron India Update: भारत ने घाना और तंजानिया को 'खतरे वाले' देशों की सूची में किया शामिल, जाने ताजा अपडेट

बता दें कोरोना वायरस को ट्रैक करने वाले इस ऐप को पहले ही केंद्र सरकार ने सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर रखा है. प्राइवेट ऑर्गनाईजेशन के प्रमुखों को पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं कि कंपनी में काम करने वाले 100 फीसदी कर्मचारियों को इस आदेश का पालन करना जरूरी है. यही नहीं कोरोना वायरस कंटेनमेंट जोन में रह रहे लोगों को भी हर परिस्थिति में अपने मोबाइल में इस ऐप को डाउनलोड करना अनिवार्य है.

बता दें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पिछले दिनों आरोग्य सेतु ऐप को लेकर आपत्ति जताई थी. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया था कि, आरोग्य सेतु ऐप एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है, जिससे देश की जनता की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.