अलीगढ़ (यूपी): अलीगढ़ जिले में पांच बच्चे और बच्चों की माँ भुखमरी (Bhukhmari) की कगार पर पहुँच गए. लगातार भूखे (Hunger) रहने के कारण बच्चों और महिला की बुरी हालत हो गई. हालत इतनी ख़राब थी कि बच्चे और महिला बोल तक नहीं पा रहे थे. इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए इस परिवार की देखभाल कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जब इन लोगों को अस्पताल लाया गया था तो उनकी हालत बेहद खराब थी और वे मुश्किल से ही बोल पा रहे थे.Also Read - वाराणसी में नाविकों की मदद के लिए आगे आए सोनू सूद, बोले- अब कोई भूखा नहीं सोएगा

सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर इस सिलसिले में खबर प्रसारित होने के बाद जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह पड़ताल के लिए फौरन मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को राहत दिलाई. अस्पताल में अपने पांच बच्चों के साथ भर्ती गुड्डी (40) ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनका घर सासनी गेट थाना क्षेत्र स्थित मंदिर का नगला इलाके में स्थित है. पिछले साल कोविड-19 संक्रमण के कारण उनके पति की मौत हो गई थी. Also Read - लॉकडाउन: काम छूटा, खाने तक को नहीं बचे रुपए, बिहार के मजदूर ने हैदराबाद में लगाई फांसी

गुड्डी ने बताया कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य के गुजर जाने की वजह से सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. इसके निर्वहन के लिए उन्होंने एक ताला बनाने वाली फैक्ट्री में काम किया जो कुछ महीने पहले बंद हो गई है. गुड्डी ने बताया कि उनके सबसे बड़े बेटे अजय (20) ने दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम शुरू किया लेकिन पिछले अप्रैल में महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर लागू कोरोना कर्फ्यू की वजह से उसके परिवार की मुसीबतें एक बार फिर बढ़ गईं. Also Read - मस्जिद द्वारा रोज 800 मजदूरों को खिलाया जा रहा खाना, मौलाना बोले- भूख का धर्म नहीं होता

उन्होंने कहा कि आमदनी का कोई भी जरिया ना होने पर भुखमरी की स्थिति बन गई. परिवार ने करीब आठ हफ्तों तक पड़ोस के कुछ लोगों द्वारा दी गई रोटियों पर गुजारा किया, मगर करीब 10 दिन पहले वह सहारा भी खत्म हो गया और पूरा परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया.

इस परिवार की दुर्दशा को जब मीडिया ने दिखाया तो जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने उप जिलाधिकारी कुंवर बहादुर सिंह की अगुवाई में तीन अफसरों की एक टीम को पड़ताल के लिए भेजा और परिवार को अनाज, खाने-पीने का अन्य सामान और 5000 रुपये की फौरी मदद भी भेजी. जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बेसहारा हो चुके परिवार की इस हालत की खबर मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार ने आगे आकर परिवार को भोजन तथा अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई. सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु कुमार बंटी ने इस मामले की पूर्ण जांच की मांग की है. साथ ही घर-घर सर्वे कराए जाने की भी मांग की है ताकि लॉकडाउन के कारण अपनी आजीविका खो चुके ऐसे ही अन्य जरूरतमंदों के बारे में भी पता लग सके.