अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है. शुक्रवार को भी विवाद के चलते एएमयू में क्लासेस नहीं चलीं. वहीं अलीगढ़ प्रशासन ने जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इंटरनेट पर फिलहाल पाबन्दी लगा दी गई है. पुलिस-प्रशासन का मानना है कि अलीगढ़ में तनाव बढ़ने का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाले भड़काऊ पोस्ट भी हैं. गुरुवार की रात भी एएमयू के छात्र धरने पर बैठे रहे. छात्रों की मांग है कि जब तक हिंदू जागरण मंच और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कारवाई नहीं की जाएगी उनका विरोध जारी रहेगा. वहीं, पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और छात्रों को एक जगह जमा नहीं होने दे रही है ताकि गुरुवार जैसी स्थिति ना पैदा हो जाए जिसमें भारी लाठीचार्ज हुआ था. धारा 144 लागू कर दी गई है और कहीं भी लोगों को जमा होने नहीं दिया जा रहा है. सोशल मीडिया पर सख्त नजर रखी जा रही है.

एएमयू के शिक्षकों, कर्मचारियों का भी छात्रों को समर्थन
विश्वविद्यालय के छात्रों ने मामले को लेकर 5 दिन तक शैक्षणिक कार्य बंद रखने का ऐलान किया है. छात्रों के विरोध को विवि के शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी सपोर्ट किया है. वही स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए अलीगढ़ जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शनिवार रात्रि 12 बजे तक इंटरनेट की सभी सेवाएं बंद करने के आदेश दिए हैं. ऐसा भी कहा जा रहा है कि हिंदू युवा वाहिनी का दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम शुक्रवार को पूरा हो रहा है. ऐसी अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं कि हिंदूवादी छात्र संगठन कई कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ जिन्ना की तस्वीर उतारने के लिए कूच कर सकते हैं. ऐसी किसी भी सम्भावना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एएमयू परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया है. शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर भी प्रशासन मुस्तैद रहा. गुरुवार को हुए बवाल के मद्देनजर डीएम चन्द्र भूषण सिंह ने मामले में मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश देते हुए एडीएम वित्त बच्चू को जांच अधिकारी बनाया है.

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बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है जिस पर विवाद मचा हुआ है. यहां से सांसद सतीश गौतम ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा था कि यहां जिन्ना की तस्वीर क्यों लगाई गई. इसी के बाद यहां विवाद शुरू हो गया. छात्रसंघ का कहना है कि जिन्ना भी इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. उनपर चाहे कैसा भी ऐतिहासिक विवाद रहा है, लेकिन एएमयू की स्थापना में उनका भी योगदान था.

हंगामे के बाद लाठीचार्ज

गुरुवार को इसे  लेकर कैंपस में जबरदस्त हंगामा हुआ. छात्र इस विवाद के लिए हिंदू संगठनों और सांसद को जिम्मेदार ठहराते हुए इनपर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इसी को लेकर गुरुवार को एएमयू में जमकर हंगामा हुआ. सैयद गेट पर हिंदूवादी संगठनों ने जिन्ना का पुतला फूंका जिसके बाद हालात बिगड़ गए. एएमयू के छात्र और हिंदूवादी संगटनों के कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई. इस दौरान छात्र पुलिसवालों से भी भिड़ गए. इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा जिसमें कई छात्र घायल हुए. छात्र अब भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. उधर, पुलिस ने कैंपस को छावनी में बदल दिया है. यहां छात्रों को इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा है. पुलिस हालात पर कड़ी नजर रख रही है क्योंकि जरा सी चूक भारी मुसीबत की वजह बन सकती है. सोशल मीडिया के जरिए अफवाहों भरे संदेश फैलाए जा रहे हैं जिसके कारण प्रशासन ने इंटरनेट पर बैन लगा दिया है.