लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के मथुरा जिले में विप्र समाज की कई मांगों एवं एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के मुद्दे पर वृन्दावन में आयोजित किए गए ‘विप्र महाकुंभ’ में समाज के लोगों ने काफी कड़े तेवर दिखाए. Also Read - E-Pass रिजेक्ट हो जाने पर ना हों परेशान, इस वेबसाइट पर मिलेगा किसी भी राज्य के लिए पास

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सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष महेश दत्त शर्मा ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के मामले में सरकार को पुनः विचार करना चाहिए तथा सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जो व्यवस्था दी थी, वही पुनः लागू करनी चाहिए. सरकार को ऐसा कानून नहीं थोपना चाहिए जिससे हिन्दू समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो. उन्होंने कहा कि विप्र समाज ने पिछड़े वर्ग की जातियों के विरोध में कभी भी कुछ गलत नहीं किया. बल्कि, हमेशा उन्हें साथ लेकर चलने का प्रयास किया. लेकिन सरकार ने पहले जातियों के आधार पर आरक्षण देकर वर्ग संघर्ष पैदा करने का काम किया और फिर अब इस प्रकार का अंधा कानून लागू कर दिया है कि जब चाहे सवर्ण वर्ग के किसी भी व्यक्ति को उठाकर जेल में डाल दिया जाए और उसे छह माह से पहले जमानत भी न मिले. Also Read - तीन मई से आगे बढ़ाई जा सकती है लॉकडाउन की अवधि, केंद्र सरकार ने दिए स्पष्ट संकेत

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हरियाणा व राजस्‍थान से आए लोगों ने भी किया विरोध

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं हरियाणा, राजस्थान के निकटवर्ती जिलों से आए लोगों ने एससी-एसटी एक्ट के मामले में सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट कर पुनः पुरानी व्यवस्था लागू किए जाने का पुरजोर विरोध किया तथा इस मसले पर सरकार से दो-दो हाथ करने जैसी बातें भी कहीं.