कासगंज: यूपी के कासगंज में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा रैली के दौरान शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. रविवार को भी सुबह-सुबह उपद्रवियों ने फिर आगजनी और तोड़फोड़ की. उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया. हंगामे के बाद जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं और धारा-144 लगा दी गई है.

प्रशासन ने 28 जनवरी रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों को रोका जा सके. शहर में कल हिंसा फैलने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था.

हिंसा के कारण हुई क्षति के बारे में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि तीन दुकानों में तोड़फोड़ की गयी है. उनके शटर के नीचे पेट्रोल डालकर आग लगा दी गयी. दो निजी बसों में भी पेट्रोल छिडक कर आग लगा दी गयी है. एक खाली पडे मकान को असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया. इस बीच जिलाधिकारी आर पी सिंह ने कहा कि हिंसा प्रभावित क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं 28 जनवरी रात दस बजे तक बंद कर दी गयी हैं.

प्रमुख सचिव (गृह) अरविन्द कुमार ने कहा कि कल दो मामले दर्ज किये गये थे. दो मामलों में नौ गिरफ्तारियां की गयीं. चालीस और लोगों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया. आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक, अलीगढ के मंडलायुक्त, अलीगढ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कल से ही मौके पर हैं. पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी डी के ठाकुर को लखनउ से मौके पर भेजा गया है. वह भी वहां मौजूद हैं.

कुमार ने बताया कि पीएसी की पांच कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स :आरएएफ: की एक कंपनी कल ही कासगंज पहुंच गयी है. जोन से अतिरिक्त सिविल पुलिस अधिकारी एवं अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गये हैं. आरएएफ की एक और कंपनी मौके पर भेज दी गयी है. उन्होंने बताया कि कल की हिंसा में मारे गये लडके की आज सुबह शांतिपूर्ण अंत्येष्टि के बाद कुछ उपद्रवियों ने शांति भंग करने का प्रयास किया लेकिन उनसे सख्ती से निपटा गया.

शहर के बाहरी हिस्सों में आगजनी के छिटपुट प्रयास हुए. दोपहर डेढ बजे के बाद कहीं कोई आगजनी नहीं हुई. कडी निगरानी की जा रही है. जिला प्रशासन को निर्देश है कि वह कड़ाई से पेश आये और किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति ना दे. जिलाधिकारी ने धारा—144 लागू कर दी है स्थिति नियंत्रण में है.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि निषेधाज्ञा लागू है. उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि कर्फ्यू उठाया गया है या नहीं. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ने कहा कि कुल 50 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं. गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़ सकती है.

उधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बयान में कहा, ’26 जनवरी को प्रातः कस्बा कासगंज में कुछ लोग मोटरसाइकिलों पर हाथ में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगाते हुए भ्रमण कर रहे थे. जुलूस जैसे ही अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र बड्डूनगर के क्षेत्र में पहुंचा तो कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा पथराव व फायरिंग कर दी गयी, जिससे दोनों पक्षों में विवाद उत्पन्न हो गया तथा अफरातफरी व्याप्त हो गयी.

बयान में कहा गया, ‘इसी बीच फायरिंग के फलस्वरूप अभिषेक गुप्ता उर्फ चन्दन एवं नौशाद दो नवयुवक गोली लगने से घायल हो गये. घायल चन्दन को उपचारार्थ सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गयी. नौशाद को गम्भीर अवस्था में अलीगढ उपचार हेतु भेजा गया. ‘ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पीएसी के जवान लगातार चौकसी कर रहे हैं. जिले की सीमाएं सील कर दी गयी हैं ताकि शांति भंग करने का प्रयास करने वालों को शहर में प्रवेश से रोका जा सके.

उल्लेखनीय है कि विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली जा रही मोटरसाइकिल रैली पर कल पथराव के बाद हिंसा भडक उठी थी. इसके बाद हुई आगजनी एवं फायरिंग में एक किशोर की मौत हो गयी जबकि दो अन्य घायल हो गये थे. आनंद कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाये रखने के अलावा हमारा प्रयास है कि समुदायों में परस्पर भाईचारा कायम रहे. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा . उधर उत्तर प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा कि प्रदेश सरकार को असामाजिक तत्वों पर कडी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि इससे अन्य ऐसे तत्वों को सबक मिल सके. राज्य सरकार को इस मुददे को गंभीरता से लेना चाहिए. दोषियों को कडा दंड दिया जाना चाहिए.

इस घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने कहा कि राज्य सरकार को गंभीरता दिखाते हुए स्थिति पर जल्द नियंत्रण करना चाहिए. अलीगढ के मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि कल जिस लडके की मौत हुई थी, उसकी अंत्येष्टि के बाद लौट रहे कुछ लोगों ने आगजनी और तोडफोड की. इनमें से कुछ को धारा—144 का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया है.