लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला एक जनवरी 2019 से याचिकाकर्ताओं को हिंदी भाषा में भी उपलब्ध होगा. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. याचिकाकर्ताओं को फैसले का हिंदी वर्जन बहुत कम शुल्क में मांग पर उपलब्ध होगा.

इस सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए अदालत की प्रशासनिक इकाई अनुवादकों की नियुक्ति करेगी. अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय उन लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगा जो भाषा की बाध्यताओं की वजह से फैसले को समझ नहीं पाते. निर्णय उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों की प्रशासनिक समिति ने लिया है. बता दें कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों को हिंदी में उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल से ही कोशिशें शुरू हो गई थी. इसके लिए दो बार बैठक भी आयोजित की गई थी.

लोकभवन में लगेगी अटल की 21 मीटर ऊंची प्रतिमा, CM योगी ने किया ऐलान

बैठक में प्रस्‍ताव पर लगी मुहर
हालांकि सोमवार को वरिष्ठ न्यायाधीशों की प्रशासनिक समिति ने एक और बैठक बुलाई, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों को हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई. बैठक में यह फैसला लिया गया कि जो भी व्यक्ति हिंदी में अदालत के आदेश की प्रतिलिपि चाहेगा वह आवेदन करके आदेश की सत्यापित प्रतिलिपि हिंदी में प्राप्त कर सकेगा. (इनपुट एजेंसी)