प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक फैसले में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (खाद्य एवं नगर आपूर्ति) को निर्देश दिया है कि वह सरकारी गल्ले की दुकान के मृतक दुकानदारों के रिश्तेदारों को अनुकंपा के आधार पर इन दुकानों का डीलर नियुक्त करने के लिए चार महीने में नए सिरे से मापदंड तय करे. अदालत ने उन ग्राम पंचायतों में राशन की दुकानों के डीलरों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है जहां अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन लंबित हैं या जहां मृतक दुकानदार के रिश्तेदार अनुकंपा के आधार पर इस तरह की डीलरशिप के पात्र हैं.

उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में राशन की दुकान के डीलर की नियमित नियुक्ति, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए मापदंड तय होने तक स्थगित रहेगी.’ अदालत ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए मापदंड तय होने के बाद मृतक दुकानदार के रिश्तेदार जहां भी पात्र हैं, उनकी नियुक्ति की जाएगी.

न्यायमूर्ति अजय भनोट ने संपूर्णानंद और विभिन्न जिलों के कई अन्य लोगों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी. इन याचिकाओं में अनुकंपा के आधार पर मृतक दुकानदार के रिश्तेदार की डीलर के तौर पर नियुक्ति की मांग की गई थी. अदालत ने राज्य सरकार के वकील को इन निर्देशों के बारे में प्रमुख सचिव को अवगत कराने का भी निर्देश दिया ताकि इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो.