UP By-elections: उत्तर प्रदेश विधानसभा की आठ सीटें खाली होने के बाद अब जल्द ही राज्य में आने वाले हफ्तों में एक मिनी विधानसभा चुनाव हो सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया है कि बिहार विधानसभा के समय ही उत्तरप्रदेश में आठ सीटों के लिए  उपचुनाव हो सकते हैं. इन आठ सीटों में से पांच सीटें सदस्यों की मौत के बाद खाली हो गईं हैं और बाकी की तीन अन्य वजहों से. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: अब कुशवाहा ने भी पकड़ी मांझी की राह, करेंगे बड़ा ऐलान

जिन पांच सदस्यों की आकस्मिक मौत हुई है उनमें दो मंत्री, कमल रानी वरुण और चेतन चौहान हैं, जो घाटमपुर विधानसभा और अमरोहा के नौगावां विधानसभा सीट के सदस्य थे. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: उपसभापति हरिवंश की चाय और पीएम नरेंद्र मोदी की चर्चा, बिहार चुनाव में जीत का गजब फॉर्मूला

इससे पहले, वीरेंद्र सिंह सिरोही (बुलंदशहर) का 2 मार्च को निधन हो गया था और समाजवादी पार्टी के पारस नाथ यादव, जिनकी मौत 12 जून को हो गई थी. जो मल्हनी से विधानसभा के सदस्य थे. वहीं देवरिया के भाजपा विधायक जन्मेजय सिंह का भी 22 अगस्त को निधन हो गया था. Also Read - बड़ा ऐलान: बिहार विधानसभा चुनाव में RJD का समर्थन करेगी समाजवादी पार्टी, किसी गठबंधन में नहीं होगी शामिल

इसके अलावा रिक्त घोषित की गई तीन अन्य सीटों में भाजपा सदस्य कुलदीप सिंह सेंगर (बांगरमऊ)  है, जिसे बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था. वहीं हाईकोर्ट द्वारा सपा के अब्दुल्ला आजम के चुनाव को अवैध घोषित करने के बाद रामपुर में स्वार सीट खाली घोषित कर दी गई थी.

इससे पहले, एस पीसिंह बघेल के आगरा से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद फिरोजाबाद की टूंडला विधानसभा सीट भी रिक्त हो गई थी.

राज्य विधानसभा की एक खाली सीट के लिए उपचुनाव आम तौर पर रिक्ति की तारीख से छह महीने के भीतर होता है, लेकिन उपचुनाव कोरोना महामारी के कारण नहीं हो सके हैं. बता दें कि खाली होने वाली आठ सीटों में से छह भाजपा और दो समाजवादी पार्टी (सपा) की हैं।