लखनऊ: अमेठी के जिलाधिकारी प्रशांत शर्मा की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के एक दिन बाद गुरुवार को उत्‍तर प्रदेश शासन ने उन्हें पद से हटा दिया. वायरल वीडियो में डीएम मृतक विजय कुमार सिंह उर्फ सोनू के परिजनों से अभद्रता करते दिखे थे. एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उत्‍तर प्रदेश शासन ने प्रशांत शर्मा को पद से हटा कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है. अब मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अरुण कुमार को अमेठी का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.

मंगलवार को अमेठी के एक ईंट व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बातचीत के दौरान जिले के डीएम आपा खो बैठे और परिजनों से अभद्रता कर बैठे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. हालांकि, डीएम ने खुद ऐसे आरोपों को निराधार बताया.

डीएमने कहा था कि पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई से पूरा परिवार संतुष्ट है. जो वीडियो चल रहा है वह एडिट किया हुआ है.

सोनू सिंह की मंगलवार देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गौरीगंज कोतवाली से महज 700 मीटर दूर मुसाफिरखाना रोड के नहर पुलिया के पास अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया था. इसे लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी निशाना साधा था. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रशासन का बल अपराधियों पर तो नहीं चलता है, लेकिन पीड़ित परिवार के लोगों से इस तरह का शर्मनाक व्यवहार आए दिन होता है.

केंद्रीय मंत्री ने भी किया था ट्वीट
अमेठी के डीएम का वीडियो वायरल होने के बाद अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया था, ”विनयशील एवं संवेदनशील बनें हम यही प्रयास होना चाहिए. जनता के हम सेवक हैं, शासक नहीं.” उन्होंने इस ट्वीट में डीएम अमेठी को टैग भी किया था.

अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बता दें बुधवार को जिलाधिकारी प्रशांत सिंह का मृतक सोनू सिंह के परिजनों से अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की संवेदनहीनता पर नाराजगी व्यक्त की थी. वीडियो में शर्मा आक्रोशित भीड़ के बीच मृतक के चचेरे भाई पीसीएस अधिकारी सुनील सिंह का कॉलर पकड़कर खींचते दिख रहे थे.

क्या वहां पर मर्डर नहीं होते हैं?
वीडियो में जिलाधिकारी कहते दिख रहे हैं, ‘‘ रात भर से मेरे वरिष्ठ अधिकारी लगे हुए हैं. आप यह बताइए कौन से देश में, कितना भी एडवांस क्यों ना हो, क्या वहां पर मर्डर नहीं होते हैं? हम कोई भगवान तो है नहीं जो हर त्रासदी को रोक सकें. आप हमारी जगह पर होते तो क्या करते? क्या मर्डर होने से रोक लेते. आप यही तो कहते कि रोकना तो किसी के हाथ में नहीं है.