लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे. शाह 2019 आम चुनाव से पहले राज्य सरकार और पार्टी के बीच समन्वय को बेहतर बनाने और कार्यकर्ताओं में असंतोष को शांत कराने के लिए यहां पहुंचे थे. इस दौरान यह बात सामने आई कि संघ और भाजपा पदाधिकारियों के प्रदेश के मंत्रियों के कामकाज के रवैया पर सवाल उठाया. इस पर अमित शाह ने 29 अक्‍टूबर को मंत्रियों को संगठन के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने को कहा है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके कई मंत्रिमंडल सहयोगियों ने हवाई अड्डे पर अमित शाह का स्वागत किया. इसके बाद वह एक निजी रिसॉर्ट पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, राज्य सरकार और संगठन के बीच एक समन्वय बैठक में पहुंचे. जो कि करीब 8 घंटे तक चली. बैठक में पार्टी के कार्यकर्ताओं की शिकायतें थीं कि मंत्री और अधिकारी उनकी समस्याओं को नहीं सुन रहे हैं और इसका खामियाजा उन्हें लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. बैठक को लेकर ऐसी भी संभावनाएं जताई गई कि शाह और मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर भी चर्चा की.

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भाजपा नेतृत्व प्रवीण तोगड़िया और उद्धव ठाकरे जैसे हिंदुत्व नेताओं के कठोर रुख से चिंतित
पार्टी सूत्रों ने कहा कि भाजपा नेतृत्व प्रवीण तोगड़िया और सहयोगी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जैसे हिंदुत्व नेताओं द्वारा कठोर रुख अपनाने को लेकर भी चिंतित है, जो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रही देरी के लिए केंद्र सरकार और भाजपा पर लगातार निशाना साध रहे हैं. तोगड़िया ने मंगलवार को हिंदुओं के लिए एक राजनीतिक दल गठित करने की बात कही थी और राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भाजपा पर हिंदुओं की भावनाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया.