अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर परिसर में फैले तनाव के मद्देनजर सभी परीक्षाएं स्थगित कर दीं हैं. विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने रविवार को इसकी अधिकारिक सूचना जारी कर दी है. Also Read - अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कैंपस में छात्र की गोली मारकर हत्या, मामले की जांच में जुटी पुलिस

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गौरतलब है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है जिस पर हिन्दुत्ववादी संगठनों की अप्पति के बाद से विवाद मचा हुआ है. भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा था कि यहां जिन्ना की तस्वीर क्यों लगाई गई. इसी के बाद यहां विवाद शुरू हो गया. छात्रसंघ का कहना है कि जिन्ना भी इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. जिन्ना को लेकर चाहे कैसा भी ऐतिहासिक विवाद रहा हो लेकिन एएमयू की स्थापना में उनका भी योगदान था. वहीं हिंदुत्ववादी समूहों का पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना की तस्वीर को हटाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव जारी है. इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के प्रेस सचिव रहे एसएम खान ने कहा था कि ये विश्विद्यालय प्रशासन के अंदरूनी मामला है इस पर बाहरियों को बोलने का कोई हक नहीं है.

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सत्र की परीक्षाएं 12 मई से

विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि 2017-18 सत्र की परीक्षाएं अब 12 मई से शुरू होंगी. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफएसर तारिक मंसूर ने विभिन्न संकायों के डीन और सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की एक परामर्श बैठक में यह फैसला लिया. मौजूदा स्थिति को देखने व शांति बनाए रखने के लिए 16 सदस्यों की समन्वय समिति भी गठित की गई.

सपा सांसद ने कहा एएमयू तस्वीर विवाद के पीछे साजिश

वही इस विवाद पर सपा के सांसद धर्मेन्द्र यादव ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर मचे बवाल को लेकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है. सपा सांसद ने कहा कि एएमयू में 80 वर्षों से तस्वीर लगी हुई है, लेकिन अब इतने समय बाद इस मुद्दे को हवा दी गई है इसके पीछे सियासी साजिश है. सांसद ने पत्रकारों से वार्ता के क्रम में कहा कि सपा-बसपा का गठबंधन देश व प्रदेश में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, कमजोरों को न्याय दिलाएगा. हिंदुत्व समूहों का पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना की तस्वीर को हटाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव जारी है.