लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नदी संरक्षकों के आगरा में बने एक संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन में यमुना नदी की दुर्दशा पर चिंता जताई है. उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि अगर यमुना की रक्षा नहीं हो सकती तो उन्हें मरने की इजाजत दी जाए. नदी जोड़ो अभियान के कार्यकर्ताओं ने आगरा संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि लोकतांत्रिक माध्यमों से सक्रियता दिखाने और आवाज उठाने से वांछित परिणाम नहीं मिले. हमारी मां (यमुना) के हमारे सामने खत्म होने के बावजूद हम अभी भी असहाय पीड़ित और तमाशबीन बने हुए हैं. Also Read - तलाकशुदा भाभी से देवर ने किया रेप, दोस्तों को भी गैंगरेप के लिए सौंपा, फिर...

Also Read - नाबालिग लड़की ने किया छेड़छाड़ का विरोध, तो गुस्साए युवक ने काट दी गर्दन

प्रयाग कुम्भ 2019: सीएम योगी ने दिए तीन महीने तक टेनरी बंद करने के निर्देश Also Read - UP: कूड़ा फेंकने के विवाद में चचेरे भाइयों ने आधी रात को सिपाही, मां और बहन की हत्‍या कर दी

नदी जोड़ो अभियान के कार्यकर्ता पंडित ओमकार भारद्वाज ने कहा कि वे अपनी मां यमुना का दर्द और नहीं देख सकते, इसलिए वे अब जीना नहीं चाहते. उन्होंने कहा कि यमुना को बचाने के लिए कई वादे किए जाने के बावजूद नदी एक गंदा नाला ही बनी हुई है, जिससे लाखों लोगों का जीवन संकट में है. एक अन्य कार्यकर्ता अजय ने कहा कि यमुना प्रदूषकों और विषैले तत्वों से भरी हुई है. इसके प्रदूषण के कारण ताज महल प्रभावित हो रहा है.

यमुना जीवित नहीं बची तो ताजमहल सुरक्षित कैसे बचेगा

उन्होंने कहा कि अगर यमुना जीवित नहीं बची तो हम जीवित कैसे बचेंगे और ताजमहल कैसे सुरक्षित बचेगा. उन्होंने प्रश्न किया कि उन्हें अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति कब तब मिलेगी? यह एक गंभीर मामला है और हम गंभीरता से अपनी मांग पूरी होने का इंतजार करेंगे. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमने बहुत इंतजार कर लिया और जब कोई परिणाम नहीं निकला है तो हमारे जीने का कोई मतलब नहीं.