नई दिल्लीः बुधवार को एक पिता अपनी बेटी को पुलिस में नौकरी दिलाने और उसके सपनों को पूरा करने के लिए पीएसी ग्राउंड बरेली पहुंचे थे. उस वक्त उन्हें इस बात का इल्म नहीं था कि जिस दौड़ से वह अपनी बेटी और परिवार की जिंदगी सवारना चाहते हैं दरअसल वही दौड़ उसकी जिंदगी छीन लेगी और परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ेगा.

रामवीर अपनी बेटी अंशिका के साथ बुधवार को बरेली के पीएसी ग्राउंड पर पहुंचे. यहां उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया चल रही थी. प्रक्रिया में उम्मीदवारों को पहले दौड़ पास करनी थी. यह दौड़ 2.4 किलोमीटर की थी जिसे 14 मिनट में छह राउंड लगाकर पास करना था. बेटी अंशिका अंदर दौड़ रही थी और पिता और भाई बाहर उसकी जीत के लिए भगवान से दुआ कर रहे थे. अंशिका ने यह दौड़ तो 13 मिनट कुछ सेकेण्ड में पास कर ली लेकिन वह अंत में ट्रैक पर बेहोश होकर गिर गई और दम तोड़ दिया.

परिजनों ने बताया कि अंशिका पिछले लंबे वक्त से तैयारी कर रही थी. अंशिका पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहती थी. पढ़ाई में तेज आंशिका ने पुलिस में शामिल होने के लिए सभी परीक्षाओं को पास किया था. अंशिका के पिता रामवीर ने बताया कि सबसे पहले उसने लिखित परीक्षा पास की, फिर नाप तोल और आखिरी में पुलिस की रेस में भी वो सफल हो गई थी. लेकिन, आखिर में वो गश खाकर गिर पड़ी और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी एम्बुलेंस में मौत हो गई.

घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी, पीएसी कमांडेंट विकास कुमार वैद्य,, एसपी ग्रामीण संसार सहित कई दूसरे अधिकारी पहुंचे. अधिकारियों ने अंशिका के पिता और भाई को उसकी तबियत खराब होने की सूचना दी जिसके बाद सभी जिला अस्पताल पहुंचे. अंशिका के शव को मोर्चरी के बाहर रखा गया था. अधिकारियों ने रामवीर को पूरी बात बताई और जैसे ही उन्होंने बेटी का चेहरा देखा तो फफक-फफक कर रोने लगे.