अलीगढ़: अलीगढ़ में नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में जारी धरना-प्रदर्शन में रविवार को हालात बेकाबू हो गए. धरने पर बैठी महिलाओं को हटाने को लेकर बबाल हो गया. इसके बाद कई खोखो में आग लगा दी गई. ऊपरकोट के बाद बाबरी मंडी और घास की मंडी में पथराव किया गया और कई बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस की बैरिकेडिंग को भी फूंक दिया गया. शहर के तुर्कमान गेट इलाके में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रविवार आधी रात तक इंटरनेट पर रोक लगा दी है. Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

प्रदर्शनकारियों में मौजूद उपद्रवियों के पथराव को देखते हुए पुलिस ने हालात पर नियंत्रण के लिए लाठीचार्ज किया और भीड़ तो तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शन स्थल पर करीब आठ हजार लोग मौजूद थे. Also Read - दिल्‍ली के शाहीन बाग धरनास्थल पर फेंका गया पेट्रोल बम

अलीगढ़ के शाहजमाल ईदगाह में जहां प्रदर्शनकारी कई दिनों से जुटे हैं वहीं ऊपरकोट ऊपरकोट कोतवाली के सामने दो दिन से धरना प्रदर्शन पर बैठीं महिलाओं को वहां से हटा दिया गया. यहां लगातार सरकार विरोधी नारेबाजी की जा रही थी. दिल्ली गेट और ऊपरकोट इलाके में सुबह से जारी जुलूस प्रदर्शनों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे. पुलिस इन पर खास नजर रख रही है. Also Read - केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में किया सीएए का बचाव, कहा- सरकार को मनमानी शक्तियां नहीं देता है ये कानून

पुलिस ने कहा कि महिलाओं ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया. इसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने कहा कि इस मामले में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुछ छात्राओं की पहचान की गई है. ऊपरकोट में भारी पुलिस फोर्स और आरएफ को तैनात किया गया है.

दिल्ली गेट और ऊपरकोट थाना क्षेत्र के मुस्लिम इलाकों के सभी बाजार बंद हैं. इस बीच खबर मिली है कि खैर बाईपास पर नादा पुल के पास महिलाओं ने जाम लगा दिया. इधर, भीम आर्मी द्वारा भारत बंद के आह्वान का भी असर मिलाजुला देखने को मिल रहा है.

(इनपुट आईएएनएस)