महोबा: उत्तर-प्रदेश के महोबा जिले की कुलपहाड़ तहसील के एसडीएम द्वारा कथित रूप से ‘चोर’ कहे जाने से क्षुब्ध एक अर्दली ने शनिवार को उनके ही चेम्बर में फांसी लगाकर अत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद परिजन और कुछ लोगों ने एसडीएम पर हत्या का आरोप लगाकर काफी देर तक हंगामा किया.

पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) कुलपहाड़ अवध सिंह ने रविवार को बताया कि उपजिलाधिकारी के अर्दली इलाही बक्श (60) का शव शनिवार को उनके चेम्बर की छत में लगे पंखे से लटका हुआ बरामद किया गया. उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में एसडीएम द्वारा चोर कहे जाने की ग्लानि से आत्महत्या किए जाने का जिक्र है.

पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि परिजनों और कुछ लोगों ने एसडीएम पर हत्या का आरोप लगाकर काफी देर तक हंगामा किया गया, बाद में निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका. पोस्टमोर्टम में भी ‘हैंगिंग’ से मौत होने की पुष्टि हुई है. सीओ ने बताया, “बरामद सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की मिलान कर जांच की जा रही है.”

इस बीच उपजिलाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने कहा, “बुजुर्ग होने की वजह से इलाही की जगह अन्य अर्दली की तैनाती का आदेश उनके द्वारा नजारत विभाग को दिया गया था, चोर कहे जाने का आरोप गलत है.”