लखनऊ: उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित एक आश्रय गृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण के मामले को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए 13 अगस्त तक मामले की रिपोर्ट मांगी है. साथ ही अदालत ने इस मामले में खुद सीबीआई जांच की मनिटरिंग करने की बात कही है. हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए यूपी सरकार से सख्त सवाल पूछा कि कहीं इस सेक्स रैकेट के पीछे राजनेता व वीआईपी तो नहीं हैं. Also Read - महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने योगी सरकार से किया सवाल, पूछा- मिशन बेटी बचाओ है या फिर...

Also Read - केंद्र की तर्ज पर UP Govt का सरकारी कर्मचारियों को स्‍पेशल फेस्टिवल पैकेज, 10 हजार रुपए एडवांस मिलेंगे

देवरिया बालिका गृह कांड के सवाल पर बीजेपी सांसद हेमा मालिनी का जवाब- ‘दुखद, तो अब क्या करें’ Also Read - Hathras Gangrape And Murder Case: पीड़ित परिवार की मामले की सुनवाई यूपी से बाहर करने की गुहार

जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने की सुनवाई

सामाजिक कार्यकर्ता पद्मा सिंह और अनुराधा द्वारा बुधवार को दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोंसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सभी जानकारियां तलब की हैं. याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने पूछा कि सीबीआई ने मामले में अभी तक मुकदमा दर्ज किया है या नहीं. खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि सेक्स रैकेट के पीछे राजनेता व वीआईपी तो नहीं हैं. इसके साथ ही न्यायालय ने सभी लड़कियों के बयान भी तलब किए हैं. अदालत ने पूछा कि डीएम को हटाया गया, लेकिन पुलिस अफसरों के खिलाफ अभी तक क्यों कार्रवाई नहीं की गई.

देवरिया कांड की होगी सीबीआई जांच, सीएम योगी ने कहा- घटना के लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार

पूछा- बालिका गृह में किसके वाहन आते थे?

अदालत ने यह भी जानकारी मांगी है कि संस्था ब्लैक लिस्ट थी, तो पुलिस इस आश्रय गृह में लड़कियों को क्यों भेजती थी. अदालत ने एडीजी को लापता लड़कियों का भी पता लगाने को कहा है. साथ ही आश्रय गृह में आने वाले वाहनों व व्यक्तियों का भी ब्योरा मांगा है. अदालत ने आश्रय गृह से हटाई गई लड़कियों के पुनर्वास की भी जानकारी मांगी है.

‘लड़कियों को सजा-धजाकर कार से गोरखपुर ले जाते थे, होटल में गलत काम के बाद 500-1000 रुपए देते थे’

देवरिया मामले पर मच रहा बवाल

5 अगस्त को देवरिया बालिका गृह में देह व्यापार कराए जाने का मामला सामने आने के बाद हलचल मची है. यहां रहने वाली नाबालिग बच्चियों के साथ बाहर ले जाकर रेप किया जाता था. एक बच्ची भागकर पुलिस के पास पहुंच गई, इसके बाद सच्चाई सामने आई. यहां से 24 बच्चियों को छुड़ाया गया. संचालिका गिरिजा त्रिपाठी सहित चार को अरेस्ट किया गया है. यूपी सरकार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की घोषणा की थी. मामले को लेकर हमलावर विपक्ष यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग कर रहा है.