मेरठ: सेना की खुफिया शाखा से मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर मेरठ पुलिस व एसटीएफ ने सेना में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन लोगों को दबोचने में कामयाबी पाई है. पकड़े गए आरोपियों में एक रिटायर्ड सैनिक भी शामिल है. एसटीएफ सीओ बृजेश कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो-तीन साल से सेना भर्ती में धांधली का गोरखधंधा चल रहा था. आर्मी से मिले इनपुट के आधार पर इस गिरोह को पकड़ने में कामयाबी मिली. Also Read - कृष्णानंद राय हत्याकांड के आरोपी राकेश पांडेय को यूपी एसटीएफ ने किया ढेर, मुख्तार गैंग से था ताल्लुक

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मेडिकल परीक्षा क्लियर कराने के नाम पर ठगी

सीओ बृजेश कुमार के मुताबिक ये गिरोह एक अभ्यर्थी से दो से तीन लाख रुपये लेकर मेडिकल परीक्षा में पास कराने की गारंटी देता था. सेना की खुफिया शाखा कंकरखेड़ा थाने में तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान आशीष निवासी कंकरखेड़ा सैनिक विहार, वीर बहादुर सिंह निवासी तुलसी कॉलोनी कंकरखेड़ा और विक्टर राघव निवासी अजंता कॉलोनी मेडिकल के रूप में हुई है. इनमें से आशीष एक कोचिंग सेंटर में अध्यापक था. वीर बहादुर सिंह सेना का सेवानिवृत्त लांस नायक है. उसकी सेना में अधिकारियों से जान पहचान है.

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सेना की खुफिया शाखा कर रही पूछ-ताछ

एसटीएफ के अनुसार विक्टर राघव के अलावा उसका पिता अजब सिंह भी सेना भर्ती के नाम पर धांधली करने वाले गिरोह का सदस्य है. बृजेश कुमार के मुताबिक पकड़े गए अभियुक्तों के पास से करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों की मार्कशीट तथा अन्य प्रमाणपत्र बरामद हुए हैं. इन अभ्यर्थियों से सम्पर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने कितने लोगों से ठगी की है. सेना की खुफिया शाखा भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. उन्होंने इस मामले में सेना के अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना से इंकार किया है. (इनपुट एजेंसी)