नई दिल्ली: बीजेपी कांग्रेस को उसके गढ़ में घेरने की तैयारी में है. केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपनी सांसद निधि का उपयोग कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में करने का फैसला किया है. जेटली के प्रतिनिधि और उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने कहा, ‘केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली सांसद निधि का पैसा रायबरेली में खर्च करेंगे. वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं. उन्होंने कहा कि जेटली ने करीब महीने भर पहले रायबरेली को चुना था. जिले का प्रतिनिधित्व एक प्रख्यात राजनीतिक परिवार करता आया है लेकिन फिर भी यह अत्यंत पिछड़ा है और शायद यही वजह है कि जेटली ने इस जिले को चुना है.

बाजपेयी ने बताया कि नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह जेटली रायबरेली दौरे पर आ सकते हैं . उन्होंने कहा कि जिले के लोग स्टेडियम, विश्वविद्यालय, सौर लाइट और सौर उर्जा से चलने वाले पंप की मांग कर रहे हैं . इन मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा ताकि जनता को राहत मिल सके .बाजपेयी ने कहा कि रायबरेली अंधेरे में रहा है क्योंकि कांग्रेस शासन के समय यहां विकास नहीं हुआ लेकिन अब यहां विकास की किरण आती दिख रही है.

अरुण जेटली के इस कदम का मकसद लोकसभा चुनाव से पहले गांधी परिवार को उसके गढ़ में घेरना है. राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्‍मृति इरानी पहले से ही काफी सक्रिय हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को उन्हीं के गढ़ में मात देने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी एक्टिव हैं.

स्मृति इरानी ने पिछले दिनों अमेठी और रायबरेली के विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा था कि जिन लोगों के संसदीय क्षेत्र में आज भी 80 फीसदी मकान कच्चे हों, उनसे देश विकास की उम्मीद नहीं कर सकता है. स्मृति इरानी ने कहा, ‘रायबरेली जिले का सलोन विधानसभा क्षेत्र अपने आप में इस बात का गवाह है कि वर्षों से गांधी परिवार यहां का प्रतिनिधित्व कर रहा था, लेकिन आज भी यहां पर जो चुनौतियां हैं उनका समाधान करने के लिए वह परिवार समय पर मौजूद नहीं रहता है. आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2004 से अमेठी से सांसद बनते आ रहे हैं.