लखनऊ: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत पांच राज्यों में भाजपा को मिली निराशा के बीच विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने इसे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी का नतीजा करार देते हुए मंगलवार को भाजपा को चेताते हुए कहा कि भाजपा के पास अब भी भूल सुधार का कुछ वक्त बाकी है. अभी भी भाजपा को इन समस्यायों का हल जल्दी से निकालना चाहिए. Also Read - 'महाराष्ट्र में अगले 2-3 माह में सरकार बना लेगी बीजेपी, तैयारी हो गई है'

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राम भक्तों ने किया किनारा

विहिप के केन्द्रीय सलाहकार पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने आज पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा को झटका लगने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की धुन में भगवान राम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में हो रही देरी से राम भक्तों ने उस दल से किनारा किया है, जिसके घोषणा पत्र में यह विषय प्रमुखता से रहा था. उन्होंने कहा ‘‘अभी समय है, इस (मंदिर जैसे) सर्वस्पर्शी विषय का, जो हिंदुओं के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन मूल्यों से जुड़ा हुआ है, उसका समाधान निकाला जाना चाहिए.’’

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ये कांग्रेस की जीत नहीं !

सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान वे राज्य हैं, जिनका भगवान राम की जन्मभूमि से प्रारंभ से ही गहरा संबंध रहा है. इन राज्यों ने राम जन्मभूमि आंदोलन को व्यापक गति प्रदान की है. मंदिर से जुड़े सभी आंदोलनों में यहां के राम भक्तों ने हर तरह से सहभागिता की. आंदोलन के दौरान ही राम भक्तों ने इन राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाई थी. उन्होंने कहा कि आज का चुनाव परिणाम दरअसल, कांग्रेस की जीत नहीं बल्कि श्रीराम भक्तों का कुछ क्षणों के लिए भाजपा से मोहभंग है. अब भी समय और संकेत है कि भाजपा राम मंदिर निर्माण के लिए जनभावनाओं का आदर करे और आगे का परिणाम अपने अनुकूल बनाए. गौरतलब है कि विहिप केन्द्र की भाजपा सरकार पर कानून बनाकर मंदिर निर्माण के लिये लगातार दबाव डाल रही है. इसके लिए वह जगह-जगह धर्म सभाएं आयोजित कर रही है. (इनपुट एजेंसी)