लखनऊ : महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर पहले से ही कटघरे में खड़ी उत्तरप्रदेश पुलिस के अधिकारी महकमे की किरकिरी करने का कोई अवसर नहीं छोड़ रहे. मामला राजधानी लखनऊ के गाजीपुर थाने का है जहां एक बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मांगने पर पीड़िता की मां से पुलिस ने आधार कार्ड मांगा और सिर्फ इतना ही नहीं आधार कार्ड गैर जनपद का होने के कारण लखनऊ का आधार बनवाने की सलाह भी दे डाली.
ये है पूरा मामला
इंदिरानगर इलाके के एक गांव में झुग्गी में रहने वाले एक मजदूर के परिवार की 12 वर्षीय पुत्री के साथ झोपड़ पट्टी में ही रहने वाले एक व्यक्ति ने दुष्कर्म का प्रयास किया. पीड़िता की मां के मुताबिक वह लोगों के घरों में चौका-बर्तन का काम करती है. जब वह काम से वापस आई तो पास में ही रहने वाला राजू अंसारी नाम का युवक बच्ची से जोर-जबरदस्ती कर रहा था. लेकिन मौके से वो वहां पहुंच गई और बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया. महिला ने बताया कि उसने लखनऊ के गाजीपुर थाने में पाक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज़ कराई.
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की बजाय पुलिस ने मांगा आधार कार्ड
पीड़ित महिला का कहना है कि वो आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए थाने का चक्कर काटती रही उससे गाजीपुर थाने की पुलिस ने आधार कार्ड मांगा और जब वो आधार कार्ड लेकर पुलिस के पास गई तो उसका आधार कार्ड बहराइच जिले से बना हुआ देख पुलिस ने गैर जनपद का बना हुआ आधार कार्ड लेने से इंकार कर दिया और उसे लखनऊ का आधार कार्ड बनवाने की सलाह दे डाली.
क्या कहना है गाजीपुर पुलिस का
इस बाबत पूछे जाने पर गाजीपुर सीओ का कहना है कि महिला की शिकायत पर आरोपी को पुलिस पकड़ कर लाई है और मामले में पाक्सो एक्ट लगने के चलते कोर्ट में उम्र का प्रमाण देना पड़ता है और परिजनों ने पीड़िता का मेडिकल कराने से भी मना कर दिया है इसलिए प्रमाणपत्र मांगा गया था.