लखनऊ: यूपी के कानपुर के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने के करीब एक महीने बाद, शहीद सर्कल ऑफिसर देवेंद्र मिश्रा और कानपुर एसपी (ग्रामीण) बृजेश श्रीवास्तव के बीच हुई बातचीत का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वे उस टीम का हिस्सा थे, जिन्होंने बिकरू में विकास दुबे के ठिकाने पर दबिश दी थी. Also Read - खुद की पिस्तौल से चली गोली से हुई थी स्‍टोन क्रशर व्यवसायी इंद्रकांत त्र‍िपाठी की मौत: एडीजी

यह ऑडियो क्लिप चौबेपुर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन ऑफिसर (एसओ) विनय तिवारी और कानपुर के पूर्व एसएसपी अनंत देव तिवारी के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है. बिकरू में 2 जुलाई के कांड के बाद से पुलिस अधिकारियों और दुबे के गिरोह के बीच सांठगांठ पर सवाल उठते रहे हैं. Also Read - UP Police Recruitment 2020: पुलिस विभाग में 16 हजार से अधिक पदों पर होंगी भर्तियां, सीधी भर्तियों का भी है मौका, जानें पूरी डिटेल

विनय तिवारी को मारे जा चुके गैंगस्टर के साथ मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जबकि बिकरू हत्याकांड के बाद अनंत देव तिवारी को दूसरे जिले मे शिफ्ट कर दिया गया है. Also Read - पिता करते थे मजदूरी, बेटी अचानक बन गई करोड़पति, कहा-मुझसे मत पूछो..जानिए कहानी

फोन पर हुई बातचीत में, स्पष्ट रूप से 2 जुलाई की रात को पुलिस के दुबे के ठिकाने पर दबिश देने के ठीक पहले की है, जिसमें मारे गए सर्कल अधिकारी, देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसमें देवेंद्र मिश्रा को श्रीवास्तव को बताते हुए सुना जा सकता है कि एसओ (विनय तिवारी) कह रहे हैं कि सीओ (मिश्रा) के मौके पर पहुंचने के बाद ही दबिश शुरू होगी.

मिश्रा को पूर्व एसएसपी तिवारी (अनंत देव तिवारी के एक स्पष्ट संदर्भ में) के खिलाफ आरोप लगाते हुए सुना गया है. वह कह रहे हैं कि एक जुआ रैकेट का भंडाफोड़ करने के बाद उन्होंने एसओ से 5 लाख रुपये लिए और एसओ के खिलाफ सभी इंक्वायरी छोड़ दी.

पांच मिनट की क्लिप के शुरू में, एसपी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि गांव में पुलिस की बड़ी तैनाती की आवश्यकता होगी और मिश्रा कहते हैं कि तैनाती में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

मिश्रा कहते हैं, “एसओ कह रहा है कि मेरे वहां पहुंचने के बाद ही वह दबिश के लिए जाएंगे. इसलिए, मैं जा रहा हूं.”

एसपी ग्रामीण मिश्रा से कहते हैं, “आपको चिंता नहीं करनी चाहिए. मैं इन लोगों को जल्द देख लूंगा. ये जो कर रहे हैं, इनकी लिस्ट तैयार करूंगा. एसएसपी गिरफ्तारी करने के लिए कहा होगा. आप थोड़ा दिमाग से काम करिएगा. दो-तीन थानों का फोर्स ले लीजिएगा. उसको (विकास दुबे) दबाने का अच्छा मौका है.”

देवेंद्र मिश्रा फिर कहते हैं, “मैं आपको इनके बारे में बताऊंगा. जब ये (विनय तिवारी) उसके (विकास दुबे) पैर छुएंगे, तो हम और क्या उम्मीद कर सकते हैं. एक बार मैंने उनसे कहा था कि अगर दुबे से संबंध रकोगे तो 2-4 मर्डर करा दोगे, लेकिन उसने कहा कि केवल एक अपराधी अन्य अपराधियों के बारे में सूचना दे सकता है.”

इस बीच एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि ऑडियो के संदर्भ में ऑडियो मैच और फॉरेंसिक विश्लेषण सहित बहुत सी चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि पहले से ही एक एसआईटी जांच हो रही है और एक न्यायिक आयोग मामले की जांच कर रहा है और अगर यह असली है तो ऑडियो को जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है.