लखनऊ: विश्व हिन्दू परिषद की धर्मसभा के दो दिन बाद अयोध्या में अब सबकुछ सामान्य दिखाई दिया, जहां बच्चे स्कूल जाते दिखे, दुकानें पहले की तरह खुली थीं. इसके अलावा शहर में भारी पुलिस व्यवस्था के बाद मंगलवार का दिन पूरी तरह से सामान्य दिखा. उधर, अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवायें) आशुतोष पांडेय ने कहा कि अयोध्या में जमा लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए तीन चक्रीय बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी और पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारी परस्पर संपर्क में थे. यही वजह है कि शिव सेना और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके. Also Read - योगी आदित्यनाथ का वादा, 'कोरोना खत्म होने पर हर गांव के व्यक्ति को कराएंगे अयोध्या में कारसेवा'

Also Read - RSS प्रमुख के चीन को लेकर दिये बयान पर आया राहुल गांधी का रिएक्शन, कहा- 'भागवत सच जानते हैं लेकिन...' 

नजदीक के जिले अंबेडकर नगर से अयोध्‍या हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना करने आये भास्कर सिंह ने बताया कि शहर में पूरी तरह शांति है. उन्‍हें हनुमानगढ़ी, कारसेवकपुरम जाने में कोई परेशानी नहीं हुई. वे भक्तमाल की बगिया भी गए थे और धर्मसभा के कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे. ब्रजेश जो एक स्थानीय होटल में काम करते हैं ने बताया कि आज सुबह सामान्य दिनों की तरह है, सभी खाने पीने की दुकाने खुली हैं, दवा की दुकानों में दवा की बिक्री हो रही है, सब्जी की दुकानों पर लोग रोज की तरह सब्जियां खरीद रहे है. यहां स्थिति पूरी तरह से सामान्य है. Also Read - Mohan Bhagwat Dussehra Speech 2020: दशहरे पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा, कहा - भारत की प्रतिक्रिया से सहम गया चीन

हमें मंदिर के लिए टुकड़ा नहीं, पूरी जमीन चाहिए: विहिप

विहिप ने धर्मसभा में जताया राममंदिर बनाने का संकल्‍प

बता दें कि राम मंदिर निर्माण के लिये माहौल बनाने में जुटी विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने रविवार को अयोध्या में ‘धर्म सभा‘ के जरिये मंदिर बनाने का संकल्प जताया. रविवार को धर्म सभा में शिरकत करने वाले तमाम संतों एवं धर्माचार्यों ने जोर देकर कहा कि मंदिर निर्माण के लिये अब और इंतजार नहीं किया जा सकता और उसकी भव्यता से भी किसी भी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. साथ ही संतों ने यह इशारा भी किया कि आने वाले एक-दो महीने यह तय करेंगे कि मंदिर निर्माण की कवायद क्या रुख अख्तियार करेगी. करीब पांच घंटे तक चली धर्म सभा में देश के विभिन्न आश्रमों और अखाड़ों के साधु-संतों ने हिस्सा लिया था.

उद्धव ठाकरे बोले- अगर ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो मंदिर तो बनेगा, लेकिन सरकार नहीं रहेगी

अयोध्या में सब कुछ अमन चैन से निपटा: अपर पुलिस महानिदेशक

अयोध्या में पिछले तीन दिन से जमा लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए तीन चक्रीय बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी और पुलिस तथा प्रशासन के सभी अधिकारी परस्पर संपर्क में थे. यही वजह है कि शिव सेना और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके. पुलिस प्रशासन पूरी तरह चुस्त और मुस्तैद था हालांकि वहां तैनात पुलिसकर्मियों को केवल लाठी डंडा, हेल्मेट और बाडी प्रोटेक्टर दिया गया था, उन्हें किसी प्रकार के हथियार नहीं दिए गए थे. पूरी व्यवस्था को संभालने के लिए लखनऊ से विशेष रूप से अयोध्या भेजे गए अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवायें) आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में 37 आईपीएस और पीपीएस (प्रांतीय पुलिस सेवा) अधिकारी अयोध्या में तैनात थे.

धर्मसभा में आए सभी श्रद्धालु अयोध्‍या से वापस लौटे

एडीजी पांडेय ने लखनऊ वापस आने के बाद कहा कि अयोध्या के इर्द गिर्द करीब 70 बहुत ही मजबूत बैरिकेड लगाये गये थे और इनके बाद तीन तीन लोहे के बैरिकेड बनाये गये थे. इसके अलावा 42 कंपनी पीएसी और सात कंपनी आरएएफ को पूरे अयोध्या जिले में जगह जगह पर तैनात किया गया था. साथ ही खुफिया विभाग के पुलिसकर्मी पूरे शहर के चप्पे चप्पे पर तैनात थे. उन्होंने बताया कि इन आयोजनों से पहले शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी जरूरतों और कार्यक्रम के बारे में जानकारी ली गई. एडीजी पांडेय ने कहा कि विहिप की धर्म सभा के लिये आयोजकों ने करीब 6000 बसों की व्यवस्था की थी, इन बसों के लिए अलग पार्किंग स्थल बनाया गया था ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति न पैदा हो. उन्होंने बताया कि करीब डेढ. से दो लाख श्रध्दालु कल देर रात तक अयोध्या से सकुशल वापस हो गये. (इनपुट एजेंसी)